इंडिया गठबंधन की बैठक में भाजपा के खिलाफ एकजुटता का संदेश तो दिया गया, लेकिन बैठक के भीतर कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच भविष्य के शक्ति संतुलन की लड़ाई की झलक भी साफ दिखाई दी। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कांग्रेस, खासकर राहुल गांधी को यह स्पष्ट संदेश दिया कि विपक्षी एकता तभी मजबूत रह सकती है, जब क्षेत्रीय दलों को उनकी राजनीतिक ताकत के अनुरूप स्थान दिया जाए।

अखिलेश यादव ने द्रमुक और आम आदमी पार्टी की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विपक्षी खेमे से जुड़े दलों को साथ बनाए रखने की जिम्मेदारी कांग्रेस को निभानी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते कांग्रेस को अधिक उदार और समन्वयकारी भूमिका अपनानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश का गणित याद दिलाया

बैठक में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कांग्रेस को पिछले लोकसभा चुनाव का गणित भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के तहत कांग्रेस को 17 सीटें दी थीं, जिनमें कांग्रेस छह सीटें जीतने में सफल रही। उनका संकेत साफ था कि गठबंधन की सफलता केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि क्षेत्रीय दलों के संगठन, कार्यकर्ताओं और सामाजिक आधार की भी देन थी।

दरअसल, अखिलेश का यह बयान केवल पुराने चुनाव का मूल्यांकन नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश भी है। समाजवादी पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी राजनीति का केंद्र वही है और भविष्य के किसी भी सीट बंटवारे में उसकी भूमिका निर्णायक रहेगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *