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संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 26 Oct 2024 02:07 AM IST

उरई। जिले में रबी की फसल की बुआई के लिए खाद को लेकर किसान परेशान हैं। किसान इस बात को लेकर नाराज है कि हर साल खाद की किल्लत होती है लेकिन पहले से कोई तैयारी नहीं होती है। किसानों का कहा है कि समय से खाद न मिलने से बुआई में देरी हो रही है। इससे फसल की पैदावार में असर पड़ेगा।
जिले की सहकारी समितियों में खाद न होने से किसान परेशान हैं। कई जगहों पर बोर्ड पर सहकारी समिति के संचालकों ने डीएपी निल लिख दिया गया है। इससे किसान बोर्ड देखकर ही मायूस होकर लौट रहे हैं। सरकारी केंद्रों पर डीएपी मिलती न देख किसान अधिक दामों में दुकानों से खाद को मजबूरी में खरीद रहे हैं।
जिले में हालत ऐसे हैं कि किसी किसान को अगर बीस बोरी की आवश्यकता है तो उसे सिर्फ दो बोरी ही मिल पा रही हैं। डकोर ब्लॉक क्षेत्र के सहकारी समिति कुसमिलिया, डकोर व जैसारी समितियां में खाद न होने से किसान परेशान हैं। कोंच ब्लॉक क्षेत्र में 14 अक्तूबर से खाद की किल्लत है। यही हालत माधौगढ़ तहसील क्षेत्र की है। यहां की 11 सहकारी समितियों में खाद नहीं है। वहीं सहायक निबंधक सहकारिता विजय प्रकाश वर्मा दावा कर रहे है कि दो दिन के अंदर रैक आ जाएगी। इसके बाद खाद की किल्लत खत्म हो जाएगी।
