उरई। सात साल पहले घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने मुख्य दोषी को तीन साल की सजा सुनाई और पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड लगाया। घटना में शामिल तीन साथियों को मारपीट सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए दो दो साल की सजा सुनाई। साढ़े सात सात हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक एक वर्ष का कारावास भुगतना पड़ेगा।
थाना क्षेत्र एक एक गांव निवासी पिता ने 17 अप्रैल 2017 को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी 16 अप्रैल को घर पर अकेली थी तभी गांव का कमलेश घर में घुस आया और उससे छेड़खानी करने लगा। जब उसने इसका विरोध किया तो कमलेश ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। पीड़िता ने जब घटना की पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी तो वह कमलेश के घर पर जाकर शिकायत करने पहुंचे। कमलेश का बेटा पंकज व उसके परिवार के गोविंद, वसंत लाल ने उसके साथ एकराय होकर मारपीट की। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने कमलेश को किशोरी के घर जाकर छेड़खानी करने का दोषी पाते हुए तीन साल की कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि कमलेश के बेटे पंकज व दो अन्य साथियों को दो दो साल की सजा सुनाई। उन पर साढ़े सात सात हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक एक वर्ष का कारावास भुगतना पड़ेगा।
