उरई। रेलवे त्योहारों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करती है लेकिन इनकी चाल इतनी धीमी रहती है कि यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में निर्धारित समय से 12 घंटे से अधिक समय लगता है। बुधवार को मुंबई से छपरा जाने वाली ट्रेन नंबर 05114 अपने निर्धारित समय सुबह पांच बजे के स्थान पर दूसरे दिन सुबह साढ़े आठ बजे साढ़े 15 घंटा देरी से आई।
बता दें कि इस बार दिवाली और छठ पूजा के लिए रेलवे ने झांसी कानपुर रेलखंड पर लगभग 18 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। जिसमें मुंबई, अहमदाबाद, सिकंदराबाद, छपरा, गोरखपुर, फारबिसगंज व आगरा स्टेशनों से ट्रेनों का संचालन किया गया। जिन ट्रेनों से यात्री त्योहार पर अपने-अपने घरों पर पहुंचे। यात्रियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों का दैनिक ट्रेनों से किराया भी अधिक है, जिसमें स्लीपर के किराए में उरई से मुंबई के स्लीपर का दैनिय यात्रियों को स्पेशल ट्रेन में यात्रा करने के लिए 140 रुपये अधिक देना पड़ते हैं। जबकि एसी में यात्रा करने के लिए 335 अधिक देने पड़ते हैं।
इस बाबत झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन में कई मंडलों में ट्रैक मरम्मत का काम के चलते ब्लॉक और मार्ग परिवर्तन की वजह से ट्रेनों के संचालन में देरी हो जाती है। रेल प्रशासन की कोशिश रहती है कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन में किसी प्रकार का विलंब न हो।
