11:35 AM, 16-Nov-2024
हादसे के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी
झांसी मेडिकल कॉलेज हादसे के बाद प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। झांसी मेडिकल कॉलेज का हेल्पलाइन नंबर- 9454417618 है।
11:32 AM, 16-Nov-2024
पीएम राहत कोष से भी मुआवजे का एलान
झांसी के मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुआवजे का एलान किया गया। इसके बाद अब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी मुआवजे का एलान हो चुका है।
PM @narendramodi has announced an ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF for the next of kin of each deceased in the mishap in the fire accident at Jhansi Medical College in Uttar Pradesh. The injured would be given Rs. 50,000. https://t.co/V8VVQqBb6M
— PMO India (@PMOIndia) November 16, 2024
11:19 AM, 16-Nov-2024
झांसी हादसे पर अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
आगे लिखा कि इस मामले में सभी जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री फिलहाल चुनावी प्रचार छोड़कर, ‘सब ठीक होने के झूठे दावे’ छोड़कर स्वास्थ्य और चिकित्सा की बदहाली पर ध्यान देना चाहिए। जिन्होंने अपने बच्चे गंवाएं हैं, वो परिवारवाले ही इसका दुख-दर्द समझ सकते हैं। ये सरकारी ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। आशा है चुनावी राजनीति करनेवाले पारिवारिक विपदा की इस घड़ी में इसकी सच्ची जांच करवाएंगे और अपने तथाकथित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्रालय में ऊपर-से-नीचे तक आमूलचूल परिवर्तन करेंगे। रही बात उप्र के ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ की तो उनसे कुछ नहीं कहना है क्योंकि उन्हीं के कारण आज उप्र में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की इतनी बदहाली हुई है। संकीर्ण-साम्प्रदायिक राजनीति की निम्न स्तरीय टिप्पणियां करने में उलझे मंत्री जी को तो शायद ये भी याद नहीं होगा कि वो ‘स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री’ हैं। न तो उनके पास कोई शक्ति है न ही इच्छा शक्ति, बस उनके नाम की तख़्ती है। सबसे पहले उप्र भाजपा सरकार समस्त झुलसे बच्चों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराए। जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है, उन समस्त शोक संतप्त परिवारों को 1-1 करोड़ संवेदना राशि दे। गोरखपुर न दोहराया जाए।
11:17 AM, 16-Nov-2024
मासूमों की मौत पर जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को लेकर शोक जताया है। एक्स पर पीएमओ ने लिखा कि हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश में झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। इसमें जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
11:14 AM, 16-Nov-2024
जांच के लिए टीम का गठन
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री ब्रजेश पाठक मेडिकल कॉलेज पहुंच गये हैं। उनके साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य भी हैं। झांसी के मंडलायुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक को हादसे की जांच के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने हादसे पर दुख जताते हुए जांच कर 12 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा है।
10:44 AM, 16-Nov-2024
झांसी पहुंचे डिप्टी सीएम
उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने आग से जले बच्चों को देखा। साथ ही घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने हादसे के बारे में जानकारी ली।
10:41 AM, 16-Nov-2024
झांसी अग्निकांड: हादसे में मुआवजे का एलान
झांसी मेडिकल कॉलेज हादसे में शिकार नवजातों के परिजनों को शासन द्वारा पांच-पांच लाख रुपयों की सहायता की घोषणा की गई है। घायलों के परिजनों को पचास-पचास हजार की सहायाता मिलेगी। सीएम ने कहा कि यह सहायता राशि जल्द से जल्द मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख जताया है। शुक्रवार देर रात घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने रातों-रात उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को मौके पर भेजा।
10:33 AM, 16-Nov-2024
Jhansi Medical College Fire Live: राष्ट्रपति-PM ने जताया शोक, अखिलेश का सीएम पर तंज; हेल्पलाइन नंबर जारी
झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड (एसएनसीयू) में भीषण आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की झुलसने एवं दम घुटने से मौत हो गई। जिस वार्ड में आग लगी थी, वहां 55 नवजात भर्ती थे। 45 नवजात को सुरक्षित निकाल लिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। सेना को भी बुला लिया। सेना एवं दमकल की गाड़ियों ने आग बुझाने में मदद कीं।
दस नवजात की मौत से अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। माता-पिता भी अपने बच्चों को बचाने की गुहार लगाते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब दस बजे वार्ड से धुआं निकलता दिखा। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया। जब तक कुछ समझ पाते, आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग ने वार्ड को अपनी जद में ले लिया।
वहां भगदड़ मच गई। नवजात को बाहर निकालने की कोशिश हुई, पर धुआं एवं दरवाजे पर आग की लपट होने से नवजात समय पर बाहर नहीं निकाले जा सके। दमकल की गाड़ियों के पहुंचने पर शिशुओं को बाहर निकाला जा सका।
