पहाड़गांव। साधन सहकारी समिति पहाड़गांव में खाद पाने के लिए किसान और समिति के कर्मचारियों में विवाद हो गया। हालत यह हो गई कि मौके पर पहुंची पुलिस को समिति के सचिव को पुलिस अपनी अभिरक्षा में चौकी ले आई।
साधन सहकारी समिति पहाड़गांव पर शनिवार को डीएपी खाद वितरण में किसानों का इतना हुजूम इकट्ठा हो गया कि खाद्य वितरण में सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। सचिव सुभाष प्रजापति किसानों को दो दो बोरी दे रहे थे, जबकि कुछ किसान पांच से दस बोरी की मांग कर रहे थे, उनका कहना था कि दो बोरी से काम नहीं चलेगा। जब सचिव ने ऐेसे किसानों की मांग अस्वीकार की तो किसान नाराज हो गए और तूतूमैंमैं करने लगे। मारपीट की नौबत आ गई। इस पर चौकी प्रभारी विनीत कुमार पुलिस बल के साथ सचिव को चौकी ले आए।
इस पर खाद का वितरण बंद हो गया। बाद में देर शाम को खाद का वितरण किया गया। समिति के सचिव ने बताया कि समिति में 400 बोरी खाद आई थी। जिसमें गुरुवार को कुछ बांट दी गई थी, शेष बची खाद आज बांटी जा रही थी, तभी कुछ किसानों ने हंगामा कर दिया।
जांच के दौरान आढ़तियों के बांटों में नहीं मिली मोहर
कालपी। प्रशासन की सख्ती के बाद गल्ला मंडी के व्यापारियों के बांटों को दुरुस्त किया जा रहा है। शनिवार को मंडी प्रशासन व बांट माप विभाग की जांच में बांटों में विभाग की मुहर नहीं मिली है।
बता दें कि सोमवार को मंडी में किसानों की उपज बिक्री के दौरान तौल मे हेरफेर का मामला सामने आया था। शनिवार को व्यापारियों की तौल की हकीकत परखने के लिए बांट एवं माप विभाग ने मंडी सचिव के साथ कांटों की चेकिंग की। छह व्यापारियों के यहां तौलाई की जांच की।
मंडी सचिव अरविंद यादव के व्यापारियो को किसानो के साथ धोखाधड़ी न करने की चेतावनी दी गई है। दोबारा गड़बड़ी मिलने पर उनकी दुकान का लाइसेंस निरस्त कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। बांटों में विभागीय मोहर लगवाने को कहा गया है।
