उरई। तीन साल पहले घर में घुसकर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी को न्यायाधीश ने 20 साल की सजा और 60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने पुलिस को 21 अगस्त 2021 को तहरीर देकर बताया था कि वह 18 अगस्त 2021 की रात अपनी नाबालिग बेटी और पति के साथ अंदर अलग-अलग कमरे में सो रहे थे। तभी मोहल्ले का इमरान और इसरार दीवार फांदकर अंदर आए और कमरे में सो रही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया, विरोध करने पर मारपीट की। बेटी के चिल्लाने पर घर के लोग जाग गए और मौके से दोनों भाग गए। पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। इमरान और इसरार को 28 अगस्त 2021 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट 17 अक्तूबर 2021 को दाखिल कर दी। तीन साल चले पॉक्सो एक्ट कोर्ट में ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने इमरान को नाबालिग से घर में घुसकर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए 20 साल की सजा सुनाई। उसके साथी इसरार के खिलाफ सबूत न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया।
