Kundarki Assembly: SP lost in an area with 65 percent Muslim population, due to war between Sheikh and Turks

यूपी उपचुनाव परिणाम।
– फोटो : अमर उजाला।

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 65% से अधिक मुस्लिम मतदाताओं वाली कुंदरकी (मुरादाबाद) सीट पर भाजपा की जीत ने कई सियासी संदेश और दलों के लिए सीख दिए हैं। जिस सीट पर सबसे ज्यादा मुसलमान हों और अधिक मतदान हुआ हो, उस सीट पर 1.40 से अधिक वोटों से भाजपा की जीत ने राजनीति विश्लेषकों के लिए भी पहेली साबित हुआ है। जिस सीट पर 1993 के बाद भाजपा को कभी जीत न मिली हो, वहां भाजपा की बंपर जीत पर मंथन स्वाभाविक है। आखिर भाजपा के लिए अचंभा जैसी लगने वाली जीत के पीछे वजह क्या है, इसे समझने के लिए इस सीट पर तुर्क और शेख में बंटे मुस्लिम राजनीति को समझना जरूरी है। माना जा रहा है कि एक ही जाति के दो समुदाओं के बीच पुरानी सियासी लड़ाई की वजह से इस बार सपा ने यह सीट गंवाई है।

दरअसल कुंदरकी सीट पर सबसे अधिक आबादी मुस्लिमों की है। इसमें तुर्क और शेखों की संख्या लगभग बराबर ही है। इसके बावजूद हर चुनाव में सपा की तरफ से तुर्क मुसलमानों पर ही दांव लगाने की परंपरा रही है। इस बार सपा ने इसी समाज के मोहम्मद रिजवान को मैदान में उतारा था। सूत्रों का कहना है कि लगातार तुर्क मुसलमानों को ही आगे बढ़ाने को लेकर बड़ी संख्या में मौजूद शेखजादों में गहरी नाराजगी थी, इसलिए शेखजादों ने इस बार अपनी उपेक्षा का बदला लेने के लिए नापसंद भाजपा को ही वोट देकर अपनी नाराजगी का इजहार किया है।

इस चुनाव भाजपा और सपा के उम्मीदवार चयन को बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। भाजपा ने लगातार चुनाव हारने वाले रामबीर सिंह पर दांव लगाया था। रामबीर जो 2017 के चुनाव में मात्र 13 हजार सीट से हार गए थे। जबकि बसपा को 50 हजार वोट मिले थे। यानि जाटव वोट न मिलने के बाद भी रामबीर जीत के करीब पहुंच गए थे। रामबीर की जीत में उनकी छवि की भी बड़ी भूमिका मानी जा रही है।रामबीर लगातार क्षेत्र में बने रहे। पिछले चुनावों में भी रामबीर को 15 से 18 हजार मुस्लिमों का वोट मिलता रहा है। वहीं, सपा ने पूर्व विधायक मोहम्मद रिजवान को पर ही दावं लगाकर चुनाव जीतने का ताना-बाना बुना था, लेकिन रिजवान की छवि को लेकर पहले ही सवाल उठते रहे हैं। शेख बिरादरी के मुसलमान सपा के इस फैसले से नराज थे। शेखजादों को यह लगने लगा था कि अगर इसी तरह तुर्क आगे बढ़ते रहे तो शेखों की राजनीतिक रसूख खत्म हो जाएगी।



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