बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि ओबीसी समाज का हित बसपा में ही सुरक्षित है और बसपा ही ओबीसी समाज की सच्ची हितैषी है। बहुजनों को अपने हित व कल्याण के लिए भाजपा व कांग्रेस पर भरोसा करना घातक है। 

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उन्होंने कहा कि काफी लम्बे समय तक ना-ना करने के बाद अब केन्द्र द्वारा राष्ट्रीय जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराने के निर्णय का भाजपा व कांग्रेस आदि द्वारा इसका श्रेय लेकर खुद को ओबीसी हितैषी सिद्ध करने की होड़ लगी है जबकि इनके बहुजन-विरोधी चरित्र के कारण ये समाज अभी भी पिछड़ा, शोषित व वंचित है।

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वैसे भी कांग्रेस एवं भाजपा आदि की अगर नीयत व नीति बहुजन समाज के प्रति पाक-साफ होती तो ओबीसी समाज देश के विकास में उचित भागीदार बन गया होता, जिससे इनके मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर का आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का मिशन सफल होता हुआ जरूर दिखता।

लेकिन बाबा साहेब एवं बसपा के अनवरत संघर्ष के कारण ओबीसी समाज आज जब काफी हद तक जागरुक है तो दलितों की तरह ओबीसी वोटों के लिए ललायित इन पार्टियों में इनका हितैषी दिखने की स्वार्थ व मजबूरी है, अर्थात् स्पष्ट है कि ओबीसी का हित बसपा में ही निहित है, अन्यत्र नहीं।

अतः ‘वोट हमारा राज तुम्हारा-नहीं चलेगा’ के मानवतावादी संघर्ष को सही व सार्थक बनाकर अपने पैरों पर खड़े होने का समय करीब है जिसके लिए कोताही व लापरवाही घातक तथा भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों पर दलित, ओबीसी समेत बहुजन-हित, कल्याण व उत्थान हेतु भरोसा करना ठीक नहीं है।

बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने जाति जनगणना कराने की घोषणा कर दी है। इस मुद्दे का कांग्रेस सहित सभी दलों ने स्वागत किया है।



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