बोलेरो में पिंकी के साथ ही उसका छोटा भाई सत्यम भी था। चालक के साथ आगे की सीट पर होने के कारण किसी तरह से कूद कर जान बचा ली। पिंकी की मां बीना, बहन काजल और रिंकी की मौत हो गई। सभी मौतें पिंकी की आंखों के सामने हुई।
हादसे के समय वह समझ नहीं पा रही थी कि बोलेरो में फंसे लोगों की कैसे जान बचाई जाए। इसके बाद ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। हादसे के बाद सुरक्षित घर पहुंची तो देवीपाटन मंडल कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील व मनकापुर सीओ उचित नारायण पालीवाल ने उसका हाल जाना।
कमिश्नर ने कहा कि लापता बच्ची की तलाश के लिए एसडीआरएफ समेत टीमें लगाई गई हैं। प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है। हरसंभव मदद की जाएगी।
शोक में डूबा जिला, सोशल मीडिया पर भी लोगों ने जताया दुख
हादसे की सूचना मिलते ही पूरा जिला शोक से डूब गया। कोई पीड़ितों के घर पहुंच रहा था, तो कोई पोस्टमार्टम हाउस जाकर परिजनों को ढाढ़स बंधा रहा था। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने घटना को लेकर गहरा दुख जताया। पोस्टमार्टम हाउस में शव पहुंचने के बाद भाजपा नेता महेश नारायण तिवारी, राजेश तिवारी, केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि राजेश सिंह, रमाशंकर मिश्र, सदर विधायक प्रतीक भूषण के प्रतिनिधि अजय सिंह, भाजपा नेता राकेश तिवारी, राजेश तिवारी ने दुख जताया।




