राज्य विद्युत नियामक आयोग ने आगरा क्षेत्र में कार्यरत फ्रेंचाइजी कंपनी टोरेंट पॉवर की भी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। अब विभिन्न निगमों की तरह की इसकी भी ऑडिट रिपोर्ट आयोग में जमा होगी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से लंबे समय से ऑडिट की मांग की जा रही थी।

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने टैरिफ आदेश में कहा है कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को अपनी वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) दाखिल करते समय फ्रेंचाइजी कंपनी टोरेंट पॉवर की पूरी ऑडिट रिपोर्ट भी देनी होगी। लाइसेंसी की यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि फ्रेंचाइजी कंपनी टोरेंट के परिचालन पैरामीटर्स, आयोग द्वारा स्वीकृत टैरिफ के अनुपालन, बिलिंग एवं वसूली प्रक्रियाओं, अवसंरचना एवं सेवा प्रदाय क्षमता, डिफॉल्ट और बकाया की स्थिति सहित सभी पहलुओं का व्यापक ऑडिट कराया जाए।

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उपभोक्ताओं के हितों की नहीं कर पाएंगे अनदेखी : वर्मा

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि ऑडिट कराने के संबंध में आयोग के फैसले से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सकेगी। परिषद लंबे समय से इसकी लड़ाई लड़ रहा है। ऑडिट होने से बिलिंग पैरामीटर्स सहित विभिन्न परिचालन मानकों का पालन करना जरूरी हो जाएगा। आयोग द्वारा निर्धारित सभी नियमों और मानकों का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि टोरेंट पॉवर द्वारा पॉवर कॉरपोरेशन का लगभग 2200 करोड़ का पुराना बकाया अभी तक लौटाया नहीं है। उपभोक्ता परिषद की शिकायत पर तत्कालीन ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कमेटी बनाकर जांच कराई थी।



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