हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज में जर्जर और खतरनाक भवन में छात्राओं को पढ़ाई कराए जाने के मामले को उठाने वाली जनहित याचिका पर नगर निगम समेत लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक(डी आई ओ एस)से जवाब मांगा है। 

कोर्ट ने डी आई ओ इस से पूछा है कि अगर कालेज की बिल्डिंग जर्जर पाई जाती है तो इसके लिए उन्होंने क्या कारवाई प्रस्तावित की है। कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए फरवरी के तीसरे सप्ताह में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश विजय कुमार पाण्डेय की जनहित याचिका पर दिया है।

याचिका में कहा गया कि विद्यालय का भवन सौ वर्ष से अधिक पुराना, जिसे लोक निर्माण विभाग और नगर निगम द्वारा कई बार असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। भवन की दीवारों में दरारें हैं, छत गिरने की स्थिति में है और आधार संरचना कमजोर हो चुकी है। वर्षा ऋतु में यह खतरा और बढ़ जाता है, इसके बावजूद विद्यालय में नियमित कक्षाएं और नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। 

ऐसे में याचिका में मांग की गई है कि जर्जर भवन में तत्काल शैक्षणिक गतिविधियां रोकी जाएं। छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। खतरनाक भवन को ध्वस्त कराया जाए तथा नए सुरक्षित भवन के निर्माण और प्रमाणन तक विद्यालय संचालन पर रोक लगाई जाए।



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