उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड की बंजर और कम उपजाऊ भूमि अब सौर ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बन रही है। जहां पारंपरिक खेती संभव नहीं या एक ही फसल होती है, वहां निजी कंपनियां किसानों को मुनाफे का गणित समझाकर सोलर प्लांट लगा रही हैं। इस क्षेत्र में करीब 25 हजार एकड़ भूमि पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इनमें से कुछ में उत्पादन शुरू हो गया है और कुछ में तैयारी चल रही है।

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महोबा के पनवाड़ी में तीन किसानों की जमीन पर 15 मेगावाट का सोलर प्लांट लगा है। इनमें अवधेश प्रताप सिंह ने 30 एकड़ जमीन दी। वह पहले गेहूं या चना उगाते थे। इसमें मजदूरों की कमी और जुताई, बुवाई, खाद में ढाई से तीन लाख रुपये खर्च के बाद नीलगाय व अन्य जंगली जानवरों से फसल को नुकसान के बाद बमुश्किल से आठ से दस लाख रुपये ही मिल पाते थे।



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