यूपी की बांदा जेल से गुपचुप तरीके से गैंगस्टर रविन्द्र सिंह उर्फ रवि काना को रिहा करने के मामले में जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक अनिल गौतम के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
गैंगस्टर रवि काना पर इस साल नोएडा के सेक्टर-63 थाने में वसूली समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। रवि अन्य मामलों में बांदा जेल में बंद था। वसूली मामले में बी-वारंट के जरिये वह न्यायालय में तलब किया गया था। केस के विवेचक ने आरोपी की रिमांड मांगी थी।
कोर्ट के आदेश पर 29 जनवरी को आरोपी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई थी। इसी दिन शाम को जेल से रवि काना को रिहा कर दिया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्ध नगर ने मामले में डीजी जेल व जेल अधीक्षक को से जवाब मांगा था। कहा था कि मामले में क्यों न जेल अधीक्षक पर आरोपी को कस्टडी से भगाने का केस चलाया जाए।
मामले में डीजी जेल पीसी मीणा ने तत्काल डीआईजी जेल प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव को जांच सौंपी। कुछ ही घंटे बाद जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया। डीजी ने बताया कि निलंबित किए गए जेलर के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जेल अधीक्षक की भी लापरवाही रही है, लिहाजा उनके खिलाफ भी जांच कराई जा रही है।
