किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) प्रशासन परिसर में स्थित मजारों को हटाने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। केजीएमयू प्रशसान की ओर से सोमवार को सभी मजारों पर दूसरा नोटिस चस्पा किया गया। केजीएमयू प्रशासन ने परिसर की पांच मजारों को हटाने के लिए पहली बार 23 जनवरी को नोटिस चस्पा किए थे।

केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इस समय क्वीन मेरी के मुख्य गेट, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, ट्रॉमा सेंटर परिसर, आर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी भवन और टीजी हॉस्टल परिसर की अवैध मजार और अतिक्रमण है। निर्माण के लिए न तो इनकी अनुमति है और ना ही कोई आदेश है। इनकी वजह से परिसर में आवागमन बाधित होता है। अतिक्रमण की समस्या भी है। इसलिए केजीएमयू प्रशासन ने अब इन अवैध मजार को हटाने का फैसला किया है। 28 फरवरी के बाद इनको हटाने की प्रक्रिया केजीएमयू प्रशासन अपने स्तर से करेगा।

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सिर्फ एक मजार के लिए आया जवाब

केजीएमयू प्रशासन ने परिसर की सभी मजारों को हटाने का नोटिस दिया है। इनके जवाब में सिर्फ आर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी भवन वाली मजार से जवाब आया है। जवाब में मजार काफी समय से होने की बात कही गई है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि वह वास्तव में किसकी है। इसकी निर्माण की अनुमति और आदेश के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

1.50 वर्गफिट जमीन मुक्त करा चुका है केजीएमयू

केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार अब तक तीन अवैध स्थल खाली कराए जा चुके हैं। इनमें नेत्र विभाग के पीछे 20 हजार स्कवायर फिट, जगतनारायण रोड पर 70 हजार स्कवायर फिट और शताब्दी-2 भवन के पीछे 60 हजार स्कवायर फिट जमीन खाली कराई जा चुकी है। अब बचे हुए छह स्थलों को खाली कराया जाना है। रोगी हित में इस जमीन का उपयोग किया जा जाएगा।

संस्थान खाली करा चुका 1.5 लाख वर्गफीट जमीन

केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने कहा कि परिसर में स्थित अवैध मजारों को हटाने के लिए अब प्रतिबद्ध हैं। जमीन खाली होने पर उनका उपयोग रोगी हित में किया जा सकेगा। परिसर में वर्ष 1947 के बाद बनीं मजारों को हटाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।



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