राजधानी एक्सप्रेस में यात्री के 17 हजार रुपये कीमत के जूते छूट गए थे। इसे 892 किलोमीटर दूर आरपीएफ ने बरामद कर संबंधित को सुपुर्द किए। 12 दिन तक संभालकर रखे जूतों का थैला बृहस्पतिवार को यात्री के परिचित व्यक्ति को सौंपे दिया गया।
बंगलूरू से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस (22691) के कोच नंबर बी-10 की सीट नंबर 43 पर कर्नाटक के कागा दासपुरा बंगलूरू के रहने वाले लक्ष्मी नारायण गणेशन 30 जनवरी को बंगलूरू से बल्लारशाह तक की यात्रा कर रहे थे। वह 17 हजार रुपये कीमत के चार जूते खरीदकर ले जा रहे थे। ट्रेन के बल्लारशाह स्टेशन पहुंचने पर वह सामान लेकर उतर गए लेकिन सीट के नीचे रखे जूतों का बैग लेना भूल गए।
इसकी शिकायत उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराई। इस पर कंट्रोल रूम ने झांसी स्टेशन के आरपीएफ को सूचना दी। 892 किलोमीटर दूर करीब सवा 12 घंटे बाद ट्रेन के झांसी स्टेशन पर पहुंचने पर आरपीएफ कर्मी कोच में पहुंचे और जूते का थैला बरामद किया। इसकी जानकारी यात्री को दी गई। यात्री को अपने जूते लेने में 12 दिन का समय लग गया।
11 फरवरी को राहुल राय पुत्र रतिराम निवासी आजादपुर गढि़यागांव झांसी स्थित आरपीएफ थाने पहुंचे। आवश्यक दस्तावेज दिखाकर आरपीएफ को बताया कि उक्त जूते उसके मालिक के हैं। यात्री से बातकर आरपीएफ ने जूते का थैला राहुल के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ थाना प्रभारी विकास पंचोली ने बताया कि यात्री के जूते राजधानी एक्सप्रेस में छूट गए थे। इसे संबंधित को सुपुर्द कर दिया गया है।
