प्रदेश के 58 मदरसों के मिनी आईटीआई के संचालन पर ब्रेक लग सकता है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने इनका बजट जारी करने पर रोक लगा दी है। इन सभी मिनी आईटीआई सेंटरों के मानकों की जांच की रिपोर्ट आने के बाद निदेशालय ने शासन को पत्र भेज कर बजट आवंटित करने के लिए मार्गदर्शन मांगा है।
मदरसा शिक्षा परिषद के मान्यता प्राप्त मदरसों के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वर्ष 2004 में प्रदेश के 140 मदरसों में मिनी आईटीआई की शुुरूआत की गई थी। मौजूदा समय में मदरसा बोर्ड प्रदेश के 47 जिलों में 126 मदरसों में वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स (मदरसा मिनी आईटीआई) संचालित करता है। इसमें कारपेंटर, कम्प्यूटर आपरेटर एंड प्रोग्रामिंग एसिसटेंट, सिलाई, कढ़ाई, इलेक्ट्रीशियन, हेयर एंड स्किन केयर, प्लंबर सहित 21 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाता है। मिनी आईटीआई में अनुदेशक, स्टोरकीपर और चपरासी के पद पर 510 कर्मचारी तैनात हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय से बजट जारी न होने की वजह से कर्मचारियों को बीते करीब 8 महीने से वेतन और एरियर का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक ने 68 मिनी आईटीआई के लिए 3 करोड़ 10 लाख 47500 रुपये का बजट जारी कर दिया लेकिन 58 मदरसों के मिनी आईटीआई के बजट पर रोक लगा कर मानकों की जांच के आदेश दिए थे। जांच में 35 मदरसों में 2 ट्रेड, 12 मदरसों में 1 ट्रेड, 2 मदरसों में एक भी ट्रेड संचालित नहीं पाई गई जबकि 7 मदरसां में ट्रेड का खर्च मदरसा प्रबंधन खुद वहन करता पाया गया। कार्यरत कर्मचारियों ने अपना बकाया वेतन भुगतान के लिए हंगामा किया तो निदेशक ने बजट आवंटन के लिए शासन को पत्र भेज कर गेंद शासन के पाले में डाल दी है।
