सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में हार देख भाजपा घबराई हुई है। इसलिए सपा के समर्थकों व पीडीए का वोट कटवाने के लिए फर्जीवाड़ा कर रही है। भाजपा हम सभी को फार्म-7 के फर्जीवाड़े में उलझाना चाहती है, जिससे हम लोग बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार समेत अन्य मुद्दों को न उठा पाएं। एसआईआर के तहत जिन लोगों को नोटिस दिए गए हैं, उनमें से अधिकतर पीडीए समाज के मतदाता ही हैं।
अखिलेश ने प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि फैजाबाद के एक बूथ पर 181 मतदाताओं को नोटिस मिला है, उसमें 76 फीसदी पीडीए हैं। इनमें भी 46 फीसदी से ज्यादा यादव और मुस्लिम मतदाता हैं। सपा के सभी विधायक फार्म-7 के दुरुपयोग और अन्य विसंगतियों की शिकायत को लेकर चुनाव आयोग को ज्ञापन देंगे। साथ ही यह भी पूछेंगे कि सपा की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे। चुनाव आयोग से मांग करेंगे कि फार्म-7 के जरिये नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ की ओर से ही हो। किस विधानसभा क्षेत्र, किस बूथ पर, किसके नाम से फार्म-7 जमा हुआ है। इसका डाटा जारी किया जाए। किस व्यक्ति ने किस आधार पर फार्म-7 भरा है, इसकी भी जानकारी दी जाए।
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अखिलेश ने कहा कि एसआईआर में वोट काटने के लिए बड़े पैमाने पर खेल हो रहा है। शिकायतों पर चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। डाटा बता रहा है कि पीडीए का वोट काटा जा रहा है। बिधूना में सपा के अध्यक्ष के फर्जी दस्तावेज से उनकी ही पार्टी के वोट कटवाने का फॉर्म भरा गया। भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र के बीएलए अतीक अहमद का वोट फार्म-7 भर कर कटवा दिया गया।
उन्होंने कहा कि कन्नौज में भाजपा की एक गोपनीय बैठक हुई थी, जिसमें सपा का वोट कटवाने की रणनीति बनाई गई। हमारे विधायक जियाउद्दीन रिजवी की पत्नी का वोट भी काट दिया गया। अयोध्या में वीरेंद्र कुमार गौतम के 6 बच्चे होने का कारण बताते हुए वोट काट दिया। अज्ञात व्यक्ति के नाम पर जो फार्म-7 भरे जा रहे हैं, वे सब भाजपा के लोग है।
