दुबग्गा के मौरा गांव में मंगलवार देर शाम 22 वर्षीय कोमल पाल ने कमरे में पंखे के सहारे दुपट्टे से फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जिस घर में कुछ दिन पहले तक शादी की तैयारियों की चर्चा थी, वहां अब मातम पसरा है।
इंस्पेक्टर श्रीकांत राय के मुताबिक मौरा गांव निवासी कोमल ने ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था। मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे उसने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। परिजन पड़ोस में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में गए हुए थे। वापस लौटने पर दरवाजा बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देख परिजनों के होश उड़ गए। कोमल पंखे से लटकी मिली।
बताया गया कि 2 फरवरी को उसकी सगाई हुई थी और जल्द ही शादी होनी थी। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक इस घटना ने सब कुछ बदल दिया। ग्रामीणों में चर्चा है कि कोमल आगे पढ़ाई करना चाहती थी, जबकि परिवार ने उसकी शादी तय कर दी थी। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कोमल के पिता सुशील पाल ने भी एक वर्ष पहले गांव के बाहर बाग में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक कोमल पर भी आ गई थी। परिवार में चार छोटी बहनें और एक छोटा भाई है। इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। एक साल के भीतर पिता और अब बेटी की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस आंगन में शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब सिसकियां गूंज रही हैं।
