रामनगरी में आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु न केवल प्रत्यक्ष रूप से श्रीरामलला के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि अत्याधुनिक थ्री-डी तकनीक के माध्यम से भी दिव्य और जीवंत अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा सेवन डी तकनीक से भगवान श्रीराम की वन गमन यात्रा को सजीव रूप में देखने की व्यवस्था भी की जा रही है। यह सुविधा रामकथा संग्रहालय में श्रद्धालुओं को मिलेगी।
राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। बैठक से पहले राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कई अहम जानकारियां साझा की। उन्होंने बताया कि राम मंदिर समेत सभी 14 मंदिरों में भगवान की पूजा, श्रंगार, आरती आदि का दर्शन श्रद्धालु डिजिटल माध्यम से भी देख सकेंगे। थ्री डी तकनीक से एक वीडियो बनाई जाएगी। रामकथा संग्रहालय की एक गैलरी में थ्री डी वीडियो से श्रद्धालु सभी मंदिरों कर दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं के लिए यह सुखद अहसास होगा। इस काम का जिम्मा किसी बड़ी एजेंसी को दिया जाएगा।
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नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरियों का निर्माण चल रहा है। दो गैलरी में 500 वर्ष के कानूनी विवरण होंगे। एक गैलरी में खोदाई में मिले अवशेष प्रस्तुत किए जाएंगे। यहां पर भगवान का मंदिर था, इस गैलरी के माध्यम से यह प्रमाणित करने का प्रयास होगा। एक अन्य गैलरी में पुष्पक विमान होगा। उसमें श्रद्धालु बैठ सकेंगे। सेवन डी तकनीक से राम के चरण जहां-जहां पड़े उन स्थानों का दर्शन कर पाएंगे। श्रद्धालुओं को इस तरह अनुभव होगा कि वह स्वयं को रामायण युग में पाएंगे। यह सभी काम छह से नौ माह में पूरा हो जाएगा।