उरई। लखनऊ से आई सीबीआई की टीम ने बृहस्पतिवार शाम को रेलवे के ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान सीनियर सेक्शन इंजीनियर बीएस पाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के तहत चित्रकूट में मौजूद मंडलीय विद्युत अभियंता (डीईई) टीआरडी शांतनु यादव और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा को भी पकड़ा गया गया। यह पूरा मामला रेलवे में आउटसोर्सिंग के तहत हेल्परों की भर्ती और नवीनीकरण से जुड़ा है। आरोप था कि इन कार्यों के लिए सुविधा शुल्क मांगा जा रहा था।

आउटसोर्सिंग एजेंसी भगत इंजीनियर्स के संचालक सिद्धार्थ गौतम ने 17 फरवरी को सीबीआई में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बिना रिश्वत दिए अभ्यर्थियों को नौकरी पर नहीं रखा जा रहा था। परेशान होकर उन्होंने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई। 18 फरवरी से सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी। बृहस्पतिवार दोपहर को सीबीआई टीम उरई पहुंची और जाल बिछाया।

ठेकेदार को टीआरडी कार्यालय में बीएस पाल के पास भेजा गया। बीएस पाल ने जैसे ही 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। उरई में इस टीम का नेतृत्व सीबीआई इंस्पेक्टर विक्रांत तोमर कर रहे थे, जबकि चित्रकूट में कार्रवाई करने वाली टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राजीव सिरोठिया ने किया।

फोन पर मिली पुष्टि, चित्रकूट से दबोचे गए डीईई

गिरफ्तारी के बाद इंजीनियर से डीईई शांतनु यादव को फोन कराया गया। बातचीत में कथित रूप से शेष रकम लेने व प्रति अभ्यर्थी मासिक वसूली के निर्देश दिए गए। उस समय डीईई और टेक्नीशियन चित्रकूट में थे। सूचना पर सीबीआई की दूसरी टीम ने चित्रकूट रेलवे रेस्ट हाउस से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तीनों आरोपियों को देर रात लखनऊ ले जाया गया। टेक्नीशियन के रेलवे कॉलोनी स्थित आवास पर भी टीम गई और और उसकी पत्नी पूछताछ की गई।

12 घंटे से ज्यादा देर तक चला सीबीआई का ऑपरेशन

सीबीआई की टीम उरई में दोपहर करीब दो बजे आ गई थी लेकिन किसी को खबर नहीं लगी। 12 घंटे से ज्यादा चले ऑपरेशन ने सीबीआई ने पहले अपना जाल बिछाया। रात 2:48 बजे गिरफ्तार आरोपी को सीबीआई टीम साथ लखनऊ ले गई।


आरोपियों का प्रोफाइल

फोटो-13-बीएस पाल।

सीनियर सेक्शन इंजीनियर बीएस पाल 2019 से उरई में तैनात थे। दो माह पूर्व उनका तबादला तालबेहट (ललितपुर) हुआ था, लेकिन वे रिलीव नहीं हुए थे। वह उरई के धुरट गांव के निवासी हैं।

फोटो-14-शांतनु यादव।

डीईई शांतनु यादव ने 5 दिसंबर 2025 को उरई में कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे प्रयागराज मुख्यालय में तैनात थे। वहां पर वह चर्चित थे। यहां उन्होंने प्रकाश कुशवाहा को कारखास बना रखा था।

फोटो-15-प्रकाश कुशवाहा।

टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। 2013 से टीआरडी में हेल्पर के रूप में तैनात हुए थे। बाद में टेक्नीशियन बन गए थे। प्रकाश पर वसूली में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।



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