आंतिया तालाब के पास स्थित सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैनामा करके खरीद-फरोख्त करने का खेल चल रहा था। पिछले 32 साल से यह खेल चल रहा था। फर्जीवाड़े के आरोप में नगर निगम प्रशासन ने आठ के खिलाफ नवाबाद थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।

नगर निगम के लेखपाल राजीव राजपूत ने तहरीर के जरिये पुलिस को बताया कि सिविल स्थित खाता संख्या 95 की भूमि, आंतिया तालाब के नाम से सरकारी संपत्ति के तौर पर दर्ज है। कुछ लोगों ने इसे निजी बताते हुए अलग-अलग समय पर फर्जी बैनामा कर दिया। जांच में सामने आया कि यह भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी 6-1/अकृषि भूमि (जलमग्न) के रूप में दर्ज है। वर्ष 1991 से 2023 के बीच 32 साल के दौरान कई बार 95 नंबर की भूमि के हिस्सों के अलग बैनामे किए गए। कुछ बैनामे उस समय भी कर दिए गए, यह मामला हाईकोर्ट में था। इसके बावजूद जमीन के बैनामे किए गए।

इन पर हुआ मामला दर्ज

लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने विक्रेता जगदीश मिश्रा निवासी महाराष्ट्र, किरण चढ्ढा निवासी मेंहदी बाग, विनोद कुमार चढ्ढा निवासी मेंहदीबाग, अनिल कुमार मिश्रा निवासी ग्वालियर रोड, मुन्नी राजा निवासी उज्यान, मोंठ, आदर्श सिंह निवासी उज्यान, सुशीला मिश्रा निवासी कोंच, राघवेंद्र सिंह निवासी हवेलीपुरा, चिरगांव समेत अज्ञात बैनामा करने वालों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया। आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी भूमि को अपनी बताकर नगर निगम को चपत लगाई।

पहले भी हो चुकी प्राथमिकी 

सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के मुताबिक तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करके विवेचना शुरू करा दी गई है। राजस्व अभिलेख, न्यायालय के आदेश और बैनामों की सत्य प्रतियां की पड़ताल कराई जाएगी। इसके पहले भी इस जमीन पर अवैध कब्जा जमाने वालों के खिलाफ पहले भी प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। इस मामले की जांच चल रही है।



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