सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विपक्षी नेताओं की सुरक्षा के साथ राजनीति कर रही है। झांसी में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें पहले एनएसजी सुरक्षा मिली थी, जिसे बिना स्पष्ट कारण बताए हटा लिया गया। इसी तरह राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई और उनका आवास खाली कराया गया।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किन कारणों से एनएसजी सुरक्षा हटाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सुरक्षा के नाम पर ड्राइवर और गेट खोलने वालों की संख्या गिनाकर आंकड़े पेश कर दिए, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री को मिलने वाला प्रोटोकॉल तो तय होता है।
उन्होंने भाजपा पर धार्मिक नेताओं के अपमान का भी आरोप लगाया। कहा कि शंकराचार्य का अपमान किया गया और प्रयागराज के माघ मेले में बटुकों की शिखा खींचकर उन्हें अपमानित किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय उपमुख्यमंत्री कहां थे। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कोई गलती हो जाए तो माफी मांगना साहस का काम होता है और मुख्यमंत्री को शंकराचार्य एवं बटुकों के अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि योगी वह होता है जो दूसरों के दुख को अपना दुख समझे, लेकिन प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई पर सरकार संवेदनहीन रवैया अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री संविधान और कानून का सम्मान नहीं करते। वर्ष 2017 में चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय मुख्यमंत्री पर कई मुकदमे दर्ज थे, जो बाद में वापस ले लिए गए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को आंशिक रूप से बाहर किया जा चुका है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को पूरी तरह सत्ता से बाहर कर देगी।
एआई समिट पर तंज, सही इंतजाम हो तभी करें काम
अखिलेश यादव ने एआई समिट को लेकर भी भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से देश की जग हंसाई हुई और दुनिया भर से आलोचना मिली। उनके अनुसार ट्रैफिक जाम, बेतरतीब पार्किंग, जन सुविधाओं की कमी, सुरक्षा अभाव, चोरी और खराब एक्यूआई जैसी समस्याएं उजागर हुईं, जिनसे सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एआई इम्पैक्ट समिट से सरकार को कोई ठोस उपलब्धि नहीं मिली। कहा कि जब तक सही इंतजाम न हो, केवल दिखावे के लिए ऐसे आयोजन नहीं करने चाहिए। अखिलेश ने यह भी कहा कि एआई को हर समस्या का समाधान बताया जा रहा है, लेकिन भाजपा राज में एआई समिट ही सरकार के लिए समस्या बन गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समिट में चीन निर्मित रोबोट को देश में बना बताने की कोशिश की गई, जिससे देश की छवि को ठेस पहुंची।
