मंगलवार शाम मेडिकल अस्पताल के गेट नंबर चार के सामने हुए हादसे में घायल दूसरे किशोर यश रायकवार की भी मौत हो गई। हादसे के बाद से उसकी हालत नाजुक थी। उसे आईसीयू वार्ड में रखा गया था। यहां देर-रात उसने दम तोड़ दिया। वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार में रोना-पिटना मचा है। मां रामेश्वरी का रो-रोकर अचेत हो गई।
कोछा भांवर निवासी यश हादसे के दिन अपने दोस्त निवेश सक्सेना (17) के साथ उसका बर्थ डे मनाने निकला था। एक बाइक में यश, निवेश और प्रियांशु जा रहे थे। मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर चार के पास अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। हादसे में निवेश के सिर में गहरी चोट आ जाने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी जबकि यश एवं प्रियांशु को भी गहरी चोट आ गई थी। दोनों घायलों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बाद से यश को होश नहीं आया। बुधवार रात उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि यश ग्यारहवीं का छात्र था। परिवार का वह इकलौता बेटा था जबकि उससे आठ साल छोटी एक बहन है। पिता एक कंपनी में प्राइवेट नौकरी करते हैं।
दो घरों का बुझ गया इकलौता चिराग
मेडिकल कॉलेज के सामने हुए इस हादसे ने दो घरों के इकलौता चिराग बुझा दिया। हादसे के तुरंत बाद ही निवेश की मौत हो गई थी। वह भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था जबकि दो दिन बाद दम तोड़ने वाला यश भी परिवार का इकलौता बेटा था। दोनों ही एक साथ पढ़ते थे। कोचिंग भी एक साथ कर रहे थे।
