उरई के मोहल्ला सुशील नगर में फौजी सुरजीत सिंह के घर हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 66 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात, एक राउटर, डीवीआर, दो सब्बल, चार तमंचे व सात कारतूस बरामद किए हैं। वारदात में शामिल दो आरोपी अभी तक फरार हैं। वारदात की साजिश पड़ोस में कुछ समय पहले रहने वाली महिला ने रची थी। उसी ने घटना को अंजाम दिलवाया था।
पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुशील नगर निवासी सुरजीत सिंह की तैनाती पंजाब के भटिंडा में है। उनके घर पर पत्नी पिंकी, पुत्र साहिल व पुत्री ज्योति रहते हैं। 18 फरवरी की रात मकान के पीछे सीड़ी लगाकर आठ बदमाश घर में घुस आए थे। बदमाशों ने परिवार के साथ मारपीट की और उन्हें कमरे में बंद कर 20 हजार रुपये की नकदी व करीब 20 लाख रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए थे। वारदात से पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए तीन टीमों को लगाया था।
सोमवार रात एसओजी प्रभारी वरुण कुमार व कोतवाली प्रभारी हरिशंकर चंद्र को सूचना मिली कि इकलासपुरा बाईपास स्थित श्मशान घाट के पीछे कुछ संदिग्ध लोग बैठे हैं। सूचना पर कोतवाली पुलिस के साथ छापेमारी की गई, जहां से महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में हमीरपुर के थाना मुस्करा क्षेत्र के ग्राम उपरेहका निवासी खलक सिंह उर्फ खेमा, उसका भाई कल्लू राजपूत, थाना जलालपुर के ग्राम पुरैनी निवासी सुरेंद्र राजपूत, थाना मुस्करा के ग्राम बिसवारी निवासी वीर सिंह, थाना जरिया के ग्राम इटैलिया निवासी अमित राजपूत तथा जालौन के ग्राम रूरा मल्लू निवासी दुर्गा देवी पत्नी कमर सिंह परिहार शामिल हैं। एसपी ने बताया कि खलक सिंह पर हत्या, चोरी, गैंगस्टर सहित 13 मुकदमे दर्ज हैं। कल्लू पर 11, सुरेंद्र पर पांच, वीर सिंह पर दो तथा अन्य आरोपियों पर एक-एक मुकदमा पहले से दर्ज है।
बताया कि दुर्गा देवी पहले सुशील नगर में ही फौजी के मकान के पास किराये पर रहती थी। उसके घर संदिग्ध लोगों का आना-जाना रहता था। इसका विरोध करने पर उसका फौजी की पत्नी पिंकी से विवाद हो गया था। शिकायत पर पुलिस ने उसे कमरा खाली करने को कहा, जिसके बाद वह हड्डी मील के पीछे रहने लगी। एसपी ने बताया कि इसी को लेकर महिला दुर्गा देवी ज्योति से रंजिश में उसने साथियों के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची। घटना के दौरान वह बाहर रहकर रेकी करती रही और उसके साथियों ने आराम से घटना को अंजाम दे दिया। महिला के दोनों बेटे सोनू – मोनू अभी फरार चल रहे हैं।
खेमा से महिला के हैं, संबंध
महिला दुर्गादेवी अपने पति से अलग रहती थी। इसी दौरान उसका हमीरपुर निवासी खेमा से प्रेम संबंध हो गया। इस पर खेमा महिला से मिलने उसके घर आता जाता था। घटना के दिन भी जब दुर्गा देवी ने पूरी रेकी कर ली तो उसने खेमा को अपने साथियों को बुलाने को कहा। महिला के बेटे अपनी कार से सभी को हमीरपुर से लाए और रात में सीढ़ी लगाकर साड़ी के सहारे घर में चढ़ गए और वारदात को अंजाम दे दिया।
प्रधानी का चुनाव गांव से लड़ना चाहता है, खेमा
हमीरपुर जिले के थाना मुस्करा क्षेत्र के ग्राम उपरेहका निवासी खलक सिंह उर्फ खेमा अपने गांव से चुनाव लड़ना चाहता था। इस वक्त उसके पास रुपये नहीं थे। यह बात उसने अपने प्रेमिका दुर्गा देवी को बताई। दुर्गा देवी ज्योति से पहले ही चिढ़ती थी, इसलिए उसने खेमा को बताया कि पास में ही रहने वाले फौजी के यहां बहुत माल है। उसके यहां भारी मात्रा में कैश भी मिल जाएगा। इस पर महिला के बेटे सोनू और मोनू अपनी कार से सभी को हमीरपुर से उरई लाए और घटना को अंजाम दे दिया गया।
मताड़ा फोड़ दूंगा, इसी से पुलिस पहुंची बदमाशों के पास
वारदात के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। लेकिन पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिल पा रहा था। इस पर टीम चकरघिन्नी बनी हुई थी। लेकिन पुलिस जब पीड़ित से पूछताछ कर रही थी, तो पता चला कि पीड़ित को मारते समय एक बदमाश कह रहा था कि रुपये दे, नहीं तो मताड़ा फोड़ दूंगा (माथा)। जैसे ही यह बात पुलिस को लगी तो उन्होंने इस भाषा के बारे में गहराई से पता किया तो जानकारी हुई कि यह भाषा हमीरपुर में बोली जाती है। इस पर टीम आरोपियों तक पहुंच सकी।
