रामपुरा। मोबाइल एप पर तीन से सात दिन के फ्री ट्रायल या मात्र एक रुपये में सब्सक्रिप्शन का लालच लोगों पर भारी पड़ रहा है। ट्रायल अवधि समाप्त होते ही बिना स्पष्ट सूचना के हर माह खाते से बड़ी रकम ऑटो डेबिट होने लगती है। कई मामलों में एप डिलीट करने के बाद भी कटौती जारी रहती है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
नगर निवासी अमित कुमार ने एक फोटो एडिटिंग एप का तीन दिन का फ्री ट्रायल लिया। ट्रायल खत्म होते ही उनके खाते से हर महीने 899 रुपये कटने लगे। वहीं, शिवम ने एक रुपये के ऑफर पर कूकू टीवी ज्वाइन किया, लेकिन सातवें दिन मासिक मेंबरशिप के नाम पर 600 रुपये की कटौती हो गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक रजत कुमार सिंह ने बताया कि कई एप यूजर्स की अनुमति से ऑटो-डेबिट या एनएसीएच (नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस) सक्रिय कर लेते हैं। इससे बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से स्वतः भुगतान कटता रहता है। उन्होंने अपील की कि किसी भी भुगतान अनुमति को स्वीकार करने से पहले शर्तें ध्यान से पढ़ें, ताकि अनचाही आर्थिक हानि से बचा जा सके।
बचाव के लिए क्या करें
किसी भी एप का फ्री ट्रायल लेने से पहले उसकी शर्तें एवं नियम ध्यान से पढ़ें।
बैंक स्टेटमेंट की नियमित जांच करें।
अनचाहे सब्सक्रिप्शन को ऐप स्टोर या पेमेंट सेटिंग में जाकर समय रहते कैंसिल करें।
आवश्यकता होने पर नेट बैंकिंग के माध्यम से ऑटो-डेबिट सुविधा बंद करें।
ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
फोटो – 01 साइबर क्राइम के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करती पुलिस टीम।
साइबर क्राइम के प्रति छात्र-छात्राओं को किया जागरूक
पुलिस ने दी ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी, अनजान लिंक व ओटीपी साझा न करने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
कोंच। जरा सी चूक, लापरवाही और अज्ञानता के कारण साइबर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन्हीं घटनाओं पर रोक लगाने और लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से शुक्रवार को रामस्वरूप रावत मेमोरियल इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में दरोगा राजवीर सिंह एवं हेड कांस्टेबल राजन ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए। पुलिस कर्मियों ने कहा कि मोबाइल पर आने वाली किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना ओटीपी किसी के साथ साझा करें।
बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वालों को खाता संख्या, एटीएम नंबर या अन्य गोपनीय जानकारी फोन पर न दें। किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे बैंक शाखा जाकर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि यदि ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटना हो जाए तो घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेंद्र झा सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
