दो जगहों पर निर्माण मानक अनुसार न मिलने से खफा नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने मुख्य अभियंता समेत तीन को कारण बताओ नोटिस थमाया है। उन्हें कहीं सीसी ब्लॉक धंसे मिले तो कहीं ड्रेन कवर टूटे। एक जगह के कार्य को नगर आयुक्त ने दोबारा कराने के निर्देश दिए हैं। वरना जमानत राशि जब्त कर फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी है।
दो दिन पहले नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने वार्ड 43 में आर्य कन्या विद्यालय से कृष्णा टावर के पास नाला निर्माण का निरीक्षण किया था। उन्हें नाले के कार्य में स्टील मानक के अनुरूप नहीं मिली। इसके अलावा नाले के निर्माण में जगह-जगह हनीकॉम्बिंग पाई गई। बेस में सीसी मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। सुदृढ़ीकरण की कमी मिली। इस कार्य को समय पर और गुणवत्तापूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता और मुख्य नगर लेखा परीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। समय-समय पर बैठक में प्रस्तुत की गई निरीक्षण आख्या में कार्य संतोषजनक बताया गया। नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता राजवीर सिंह को नोटिस जारी कर कहा कि यह स्थिति खेदजनक है। कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। जबकि दिसंबर 2025 में पूरा होना था। मुख्य अभियंता को ठेकेदार को भी स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जो काम मौके पर हो चुके हैं, उनकी गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित की जाएगी, यह भी स्पष्ट करने को कहा है। मुख्य अभियंता को तीन दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह, अधिशासी अभियंता नीना सिंह और एई बिपिन कुमार को भी नगर आयुक्त ने नोटिस जारी किया है। इसके अलावा वार्ड 60 लक्ष्मणगंज में वासुदेव तिवारी महाविद्यालय से आगे पुलिया तक इंटरलॉकिंग, सीसी सड़क और दोनों तरफ गहरी नाली के निर्माण का भी नगर आयुक्त ने दो दिन पहले जायजा लिया था। यहां भी उन्हें तमाम कमियां मिलीं। इसमें इंटरलॉकिंग सीसी ब्लॉक कई स्थान पर धंसे मिले। ऐसे में जगह-जगह गड्ढे, ड्रेन कवर क्षतिग्रस्त मिले। इंटरलॉकिंग सीसी ब्लॉक लेवलिंग में नहीं लगाए गए हैं।
तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश
नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता और एई को नोटिस जारी किए हैं। कहा कि स्थलीय निरीक्षण के समय गुणवत्ता का परीक्षण नहीं किया जा रहा है। न ही अधीनस्थ सहायक अभियंता, अवर अभियंता द्वारा कार्यों का परीक्षण किया जा रहा है, जो आपत्तिजनक है। काम धीमी गति से चलने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में मुश्किल हो रही है। इस मामले में ठेकेदार को भी नोटिस जारी करें। चूंकि बेस में जीएसबी का प्रयोग नहीं किया गया है और इंटरलॉकिंग ब्लॉक का लेवल ठीक नहीं है। संपूर्ण कार्य या तो पुन: ठेकेदार से एक माह के अंदर पूर्ण कराएं अन्यथा जमानत राशि जब्त कर ब्लैक लिस्ट करते हुए नियमानुसार द्वितीय निम्न निविदादाता से कार्य कराया जाए। इस मामले में भी तीनों को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
