लखनऊ विश्वविद्यालय के सुभाष बॉयज हॉस्टल में रविवार को प्रथम वर्ष के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। कमरा नंबर 52 में बीए प्रथम वर्ष के छात्र नवीन कुमार रविवार दोपहर में अपने कमरे में मृत पाए गए। वह बलिया के निवासी थे और इतिहास, हिंदी व पॉलिटी (एनईपी) विषयों की पढ़ाई कर रहे थे। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है।
हाॅस्टल में माैके पर माैजूद छात्रों ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दोपहर 12:30 बजे दोबारा प्रयास किया गया, तब भी अंदर से जवाब नहीं आया। इस दौरान मोबाइल फोन पर लगातार गाने बजने की आवाज सुनाई दे रही थी।
सूचना पर प्रोवोस्ट महेंद्र अग्निहोत्री के निर्देशानुसार दोपहर करीब 1:10 बजे दरवाजा तोड़ा गया। अंदर नवीन पंखे के हुक से सफेद रस्सी के सहारे लटके मिले। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। घटना की सूचना पर हाॅस्टल के छात्रों ने बताया कि वह दो दिन पहले ही में घर से लौटे थे और रविवार को किसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होना था। उन्होंने बताया कि नवीन व्यवहार से इंट्रोवर्ट थे और इधर कुछ दिनों से उनमें अवसाद के लक्षण थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
चार्जिंग में लगे मोबाइल पर बज रहे थे गाने
कमरा नं 52 का दरवाजा दोपहर तक नहीं खुलने पर हाॅस्टल के छात्रों को अनहोनी की आशंका हुई। छात्रों ने बताया कि प्रोवोस्ट के निर्देश पर जब दोपहर में दरवाजा तोड़ा गया तो मृत नवीन का मोबाइल चार्जिंग में लगा था और उसमें गाने बज रहे थे। जिस सफेद रंग की रस्सी के सहारे नवीन का शव लटका मिला वह बिल्कुल नई और मजबूत थी।
