सोमवार को फाल्गुन पूर्णिमा पर महानगर में जगह-जगह होलिका दहन होगा। इससे पहले महिलाएं शाम को ठंडी होली की पूजा करेंगी। वहीं, रविवार को बच्चों और युवाओं की टोलियां होलिका दहन की तैयारियों में जुटी नजर आईं।
महानगर में होलिका दहन को लेकर बाजारों, कॉलोनियों एवं मुहल्लों में व्यापक उत्साह दिखा। सुभाष गंज, गांधी रोड, बड़ा बाजार, सीपरी, सदर बाजार, नगरा सहित प्रमुख बाजारों में बच्चे और युवा रंग-गुलाल, पिचकारी एवं मुखौटे खरीदते नजर आए। वहीं, घरों में होली के परंपरागत पकवान गुझिया, पपड़ियां, खस्ता, मठरी, दही बडे़ आदि बनाए गए। ज्योतिषविद मनोज थापक के अनुसार सोमवार को फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन रात्रि 7:57 बजे से रात्रि 8:42 बजे तक, इसके पश्चात मध्य रात्रि 1:27 से 2:34 बजे के मध्य किया जा सकता है। सोमवार को मघा नक्षत्र होगा और चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। भाई दोज का पर्व 5 मार्च को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गाय के गोबर के उपले से होलिका दहन करें, इससे वातावरण शुद्ध रहता है। मुरली मनोहर मंदिर के धर्माचार्य वसंत विष्णु गोलवलकर के अनुसार घास मंडी में होलिका दहन मध्य रात्रि 1:20 बजे के पश्चात होगा। परंपरा के अनुसार शहर कोतवाल होलिका दहन करेंगे। यह परंपरा महाराजा गंगाधर राव के शासन काल से चली आ रही है।
चंद्रग्रहण कल, दिन में मंदिरों के पट रहेंगे बंद
मंगलवार को पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण रहेगा। ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3:20 बजे से एवं मोक्ष शाम 6:47 बजे होगा। ज्योतिषविद दीपेंद्र अड़जरिया के अनुसार ग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले लगेगा। ऐसे में सुबह सात बजे से पहले पूजा-अर्चना के पश्चात मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे, जो ग्रहण के मोक्ष उपरांत शाम सात बजे के बाद खुलेंगे। ग्रहण के दौरान मंत्र जाप एवं भजन करने से कुप्रभाव नहीं रहेगा।
