इजराइल और अमेरिका की तरफ से ईरान में की जा रही बमबारी के बीच घरैया लाइन के सैय्यद नकी असकरी वहां अपने परिवार के साथ फंस गए हैं। वह 12 साल पहले धार्मिक पढ़ाई के लिए गए थे। कुछ महीने पहले पत्नी और तीन बच्चों को भी बुला लिया था। युद्ध शुरू होने के बाद से उनका परिवार से संपर्क टूट गया। वहां इंटरनेट भी बंद हो गया है। उनका कोई हालचाल नहीं मिल रहा है। हमलों की खबर सुनकर उनकी मां समेत परिवार के अन्य लोग चिंता में डूबे हैं। मां बेटे की सलामती की दुआएं मांग रही है। वहीं, परिजनों ने भारत सरकार से नकी असकरी को बुलाने में दखल की मांग की है।

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पुलिस लाइन के पीछे घरैया लाइन निवासी सैय्यद हसन असकरी यूपी पुलिस में चालक थे। उनका बड़ा बेटा रजा कुवैत में नौकरी करता है जबकि छोटा बेटा सैय्यद नकी असकरी (35) धार्मिक पढ़ाई के लिए 12 साल पहले ईरान गया था। ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 180 किलाेमीटर दूर खुंब शहर में रहता है। परिजनों ने बताया कि वह पिछले साल झांसी आया था। उसकी पत्नी मल्लिका और तीन बच्चे झांसी में थे। मल्लिका का मायका कौशांबी में है। कुछ महीने पहले नकी ने पत्नी एवं तीनों बच्चों को भी ईरान बुला लिया था।

अब युद्ध छिड़ने की खबर ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। बुजुर्ग मां नसीमा बेटे की सलामती की दुआएं मांग रही हैं। वहीं, नकी के चाचा सैय्यद हुसैन का कहना है कि वहां इंटरनेट सेवा ठप है। इंटरनेट कॉल के जरिये भी बात नहीं हो रही है। उनका कहना है कि सरकार नकी एवं उसके परिवार को वहां निकालकर भारत लाए।



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