एनसीआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़े लेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों का प्रदेश में भी सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने के शासन ने निर्देश दिए हैं। साथ ही इस मामले में 9 मार्च तक सभी निदेशक से रिपोर्ट भी मांगी गई है।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देश का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। किसी भी दशा में किसी भी विद्यालय में यह किताब प्रयोग में न लाई जाए।
इतना ही नहीं यदि इस किताब का कहीं वितरण हुआ है तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में इसे तुरंत वापस लिया जाए और इसका प्रयोग पठन पाठन में न किया जाए। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक, सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक, सभी मंडलीय शिक्षा निदेशक, डीआईओएस, बीएसए को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने और निदेशक से इसकी रिपोर्ट महानिदेशक स्कूल शिक्षा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि एनसीआरटी ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब में एक चैप्टर न्यायपालिका से जुड़ा शामिल किया था। इसके सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसका स्वतः संज्ञान लेते हुए काफी नाराजगी जताई थी। साथ ही एनसीआरटी को इसे सभी माध्यम से तत्काल हटाने और इसके किसी भी माध्यम से प्रयोग पर रोक लगाई थी।
इसी क्रम में सभी राज्य के शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को भी इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। इसे क्रम में अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश जारी किया है।
