वित्तीय वर्ष खत्म होने में सिर्फ 25 दिन बचे हैं और लक्ष्य के सापेक्ष नगर निगम अब तक 15 करोड़ रुपये कम गृहकर जमा करवा पाया है। नगर आयुक्त ने जोनवार रिपोर्ट तलब की। उन्होंने शत-प्रतिशत राजस्व वसूली के निर्देश दिए। अब नगर निगम में 31 मार्च तक रोजाना काउंटर खोलकर गृहकर जमा कराया जाएगा।
नगर निगम की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 33 करोड़ रुपये गृहकर जमा हुआ था। बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जमा गृहकर का 125 फीसदी अगले साल जमा कराने का लक्ष्य कर विभाग को मिलता है। ऐसे में नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 42 करोड़ रुपये गृहकर जमा करवाना है। इसमें छूट आदि को हटा दें तो नगर निगम को अभी करीब 15 करोड़ रुपये गृहकर जमा करवाना है। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि अब 31 मार्च तक बिना अवकाश प्रतिदिन सभी कर अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक राजस्व वसूली करेंगे। इसके लिए नगर निगम कार्यालय स्थित पिछोर, हंसारी, लहरगिर्द जोन के कैश काउंटर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक रोजाना खुले रहेंगे। जरूरत पड़ने पर नगर निगम की ओर से अतिरिक्त काउंटर भी लगवाए जाएंगे। वहीं, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि जोनवार लिपिक के साथ कंप्यूटर ऑपरेटर की भी तैनाती कर दी गई है।
12 सरकारी विभाग ही दबाए बैठे हैं 16.48 करोड़ गृहकर
नगर निगम के 12 सरकारी विभाग ही 16.48 करोड़ रुपये गृहकर दबाए बैठे हैं। सबसे ज्यादा 11.94 करोड़ रुपये गृहकर बिजौली स्थित यूपीसीडा क्षेत्र का बकाया है। इसके अलावा यूपी कॉरपोरेशन के कार्यालयों, सब स्टेशनों का 2.54 करोड़, राजकीय पैरामेडिकल कॉलेज का 1.22 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इसके अलावा भी अन्य विभागों पर लाखों रुपये गृहकर बकाया है।
इस बार निगम ने की है सीलिंग की कार्रवाई
वित्तीय वर्ष 2018-19 से गृहकर जमा न करने वालों पर नगर निगम ने इस बार बड़े स्तर पर सीलिंग की कार्रवाई की है। लक्ष्य की पूर्ति के लिए बकायेदारों की सूची में कई और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान निगम की रडार पर हैं। इन सभी को गृहकर जमा करने का नोटिस दिया जा रहा है।
