लखनऊ के मड़ियांव में देर रात घैला निवासी गुड्डी देवी के मकान में चार बदमाशों ने धावा बोला दिया। बदमाशों ने गुड्डी और उनके दो बेटों को बंधक बनाकर पीट। फिर लाखों के जेवर लेकर वहां से भाग निकले। पीड़िता की तहरीर पर मड़ियांव पुलिस बदमाशों के खिलाफ डकैती, बंधक और लूटपाट की धारा में एफआईआर दर्ज की है।
पान मसाला गुमटी संचालिका गुड्डी के मुताबिक शनिवार रात वह और उनके बेटे श्यामू और चंदन अपने कमरों में सो रहे थे। तभी रात करीब दो बजे लाठी-डंडों के साथ चार डकैत छत के रास्ते घर में दाखिल हो गए। खटपट सुनने पर जब उनकी और बेटों की आंख खुली तो आरोपियों ने उन्हें लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। बेटों के सिर पर आरोपियों ने ताबड़तोड़ कई वार किए। दोनों के सिर फट गए।
दो घंटे तक घर में रहे बदमाश
गुड्डी ने बताया कि उन्होंने और बेटों ने चीख पुकार मचाया, मगर जंगल में घर बने होने के कारण उनकी कोई मदद नहीं हो सकी। फिर बदमाशों ने रस्सी से उनके व बेटों के हाथ पैर बांधकर दूसरे कमरे में बैठा दिया। बदमाशों ने बेलचे से अलमारी के लॉकर तोड़ डाले।
उसमें रखे 26 हजार 500 रुपये, लाखों के सोने और चांदी के जेवर निकाल लिए। इसके बाद उन्होंने दोनों बेटे के गले से चांदी के चेन भी लूट ली। सारा सामान एक कपड़े में लपेटा और सुबह करीब चार बजे वापस छत के रास्ते भाग निकले।
काफी देर तक जब बदमाशों की आवाज गुड्डी को सुनाई नहीं पड़ी तब उन्होंने किसी तरह से बेटों को बंधन मुक्त कराया। घटना की जानकारी पुलिस और रिश्तेदारों को दी। पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। जबकि, घर में फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए।
जंगल बना समस्या का सबब
एडिशनल इंस्पेक्टर मड़ियांव अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि जंगल के बीच में पीड़िता का घर बना है। काफी दूर तक कोई दूसरा घर नहीं है। इसलिए बदमाशों ने उनके घर में वारदात अंजाम दी है। आसपास कोई घर नहीं होने के कारण सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं। फिलहाल पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं, जो बदमाशों का पता लगाने में जुटी हैं।
