सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें कुल 27 प्रस्ताव रखे जाएंगे। राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए और सख्त कदम उठाने जा रही है। राज्य कर्मचारियों को एक कैलेंडर वर्ष में छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि स्टाक, शेयर या अन्य निवेश में लगाने पर इसकी जानकारी देना अनिवार्य किया जा रहा है। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन हो रहा है। वर्तमान नियमावली में इसका कोई प्रावधान नहीं है।

कार्मिक विभाग के इस प्रस्ताव के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति से जुड़ा कोई लेन-देन करता है तो उसे तत्काल इसकी सूचना संबंधित प्राधिकारी को देनी होगी। पहले एक माह के मूल वेतन से अधिक की चल संपत्ति का विवरण देना होता था। 

हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों को प्रथम नियुक्ति के समय और उसके बाद प्रत्येक वर्ष अपनी अचल संपत्तियों की घोषणा करनी होगी। अभी यह घोषणा हर पांच वर्ष में करने का नियम है। भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत दान की लिखत पर स्टांप शुल्क में संशोधन का भी प्रस्ताव है। 

कानपुर में ट्रांस गंगा सिटी को कानपुर शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर चार लाइन पुल बनने का प्रस्ताव भी पास हो सकता है। उप्र उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली और टेक्सटाइल एवं गार्मेटिंग पॉलिसी 2022 में भी संशोधन का प्रस्ताव है। कैबिनेट में परिवहन विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, संसदीय कार्य विभाग, हथकरघा उद्योग, दुग्ध विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, भू तत्व एवं खनकर्म विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, गृह, वित्त, ऊर्जा, समाज कल्याण और खाद एवं रसद विभाग के प्रस्ताव भी पास होने की संभावना है।

 



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