कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र के चर्चित सतीश श्रीवास हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त असलहा, कारतूस व मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

सोमवार की रात पुलिस क्षेत्राधिकार जितेंद्र सिंह को सूचना मिली कि सतीश श्रीवास की हत्या के आरोपी अवैध हथियारों के साथ झांसी हाईवे की ओर से मप्र भागने की फिराक में हैं। इस पर पुलिस की दो टीमें गठित कर रानीपुर रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास जाल बिछाया गया। देर रात एक मोटरसाइकिल पर तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने मोटरसाइकिल तेज कर दी और कच्ची नहर की पटरी की तरफ भागने लगे। संतुलन बिगड़ने के कारण मोटरसाइकिल गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। जिससे एक गोली अतिरिक्त निरीक्षक इंद्रपाल सरोज के कान के पास से निकल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।

पूछताछ में उन्होंने अपने नाम आवास विकास काशीराम कॉलोनी निवासी महफूज पठान, मेहराज पठान व धनुषधारी मंदिर के पास नदी पार कटरा नईबस्ती निवासी अर्जुन उर्फ छोटू सोनकर बताए। पकड़े गए आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

प्रेम प्रसंग में की थी हत्या

पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी महफूज पठान ने बताया कि सतीश श्रीवास के उसकी खाला (मौसी) के साथ प्रेम संबंध थे। परिजनों के मना करने के बावजूद सतीश नहीं माना और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। इसी रंजिश के चलते महफूज ने अपने भाई मेहराज और दोस्त अर्जुन के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। सात मार्च को जब सतीश श्रीवास अपने घर से निकला, तब तीनों ने मोटरसाइकिल से उसका पीछा किया और सरस्वती शिशु मंदिर के पास मौका पाकर उसे पीछे से गोली मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाल मुकेश कुमार सोलंकी, उप निरीक्षक विजय कुमार दीक्षित, कुलदीप पवार, कांस्टेबल विजय त्रिपाठी, शशि भूषण, सुमित भारती, रामू यादव शामिल रहे।



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