सरकारी स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को नगर के रिहायशी बस्ती से बाहर कैलिया बाईपास से नदीगांव को जोड़ने वाले लिंक सड़क पर नारायणपुरी मंदिर के पास कूड़े के ढेर में सरकारी दवा ‘एल्बेंडाजोल’ के सैकड़ों पैकेट पड़े हुए मिले। सरकारी दवाइयों के इस तरह खुले में पड़े होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया गया है कि एल्बेंडाजोल दवा आमतौर पर बच्चों और बड़ों को कृमि नियंत्रण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जाती है लेकिन बड़ी मात्रा में इन दवाइयों का कूड़े के ढेर में पड़ा मिलना हैरत भरी बात है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ये दवाइयां जरूरतमंदों तक पहुंचतीं तो संबंधित लोगों को लाभ मिल सकता था, लेकिन इस तरह फेंक दिए जाने से सरकारी संसाधनों की बर्बादी सामने आ रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये दवाइयां किस स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित हैं और इन्हें यहां किसने तथा किस मंशा से फेंका। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल शाक्य ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
