राजधानी लखनऊ में अगर आप प्रीपेड बिजली मीटर उपभोक्ता हैं, तो रिचार्ज करने से पहले पुराने बकाये की स्थिति जरूर जांच लें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल माइनस बैलेंस भरने से बिजली चालू नहीं होगी। जब तक मीटर का बैलेंस प्लस में नहीं आता, तब तक आपके घर की आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी।
लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पोस्टपेड मीटरों को प्रीपेड में बदला गया था, उन पर पुराना बकाया लंबित है। अब रिचार्ज करने पर उस बकाये की वसूली एक तय प्रतिशत के आधार पर की जा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं से पुराने बकाये की ऐसे वसूली
| पुराने बकाये की राशि | प्रत्येक रिचार्ज पर रिकवरी |
| 10,000 तक | 10% |
| 10,000 से 15,000 तक | 15% |
| 15,000 से 20,000 तक | 20% |
| 20,000 से ज्यादा | 25% |
नोट : घरेलू के अलावा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं से रिचार्ज पर 25% की कटौती की जाएगी।
ऐसे समझे : अगर किसी उपभोक्ता का मीटर प्रीपेड होने से पहले 15 हजार रुपये का बिल बकाया था और वह 3000 रुपये का रिचार्ज करता है तो 1500 रुपये पुराने बकाये में समायोजित हो जाएंगे। इससे 1500 रुपये का ही बैलेंस बचेगा। यह क्रम तब तक चलेगा, जब तक पुराना बकाया शून्य नहीं हो जाएगा।
लखनऊ में जोनवार इतने बकायेदार
- अमौसी- 10,924
- लखनऊ मध्य- 3142
- जानकीपुरम- 1644
- गोमतीनगर- 1626
नोट : इनमें से शनिवार को 6000 बकायेदारों की बिजली कटी थे
मुख्य अभियंता, अमौसी जोन रामकुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं को पहले उधार बिजली मिलती थी। पहले बिजली जलाते थे, बाद में बिल भरते थे। अब पहले बिल भरना होगा, फिर बिजली मिलेगी। इसलिए मीटर का बैलेंस हमेशा प्लस में रखना होगा, तभी बिजली नहीं कटेगी। इसके लिए रोजाना उपभोक्ता को जलने वाली बिजली का मेसेज पहुंचता है।
