मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीते नौ साल में प्रदेश ने विकास की यात्रा तय की है। नौ साल पहले प्रदेश के सामने पहचान का संकट था हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वो संकट दूर करने में सफलता पाई। 2017 के पहले प्रदेश की आधी आबादी पलायन को मजबूर थी हमने प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया। यही कारण है कि अब प्रदेश अपनी पूरी क्षमता से विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लखनऊ के लोकभवन में यूपी में भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने पर वार्षिक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि नौ वर्षों में दलितों, वंचितों और पिछड़ों को आगे बढ़ाने के लिए  जो काम हुए हैं वे उल्लेखनीय हैं। पहले नौकरियां आती थीं तो महाभारत के रिश्ते वसूली करने के लिए निकल पड़ते थे पर अब युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार आया है। नवरात्र आने वाले हैं। रमजान चल रहा है और 20 या 21 मार्च को ईद होगी। कहीं कोई हलचल नहीं है। यही सुरक्षा है। यही कानून का राज है। प्रदेश में कहीं भी कर्फ्यू नहीं है। 


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मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नौ वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। 

नौ वर्षों में यूपी को मिली नई पहचान

सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है।

नौ वर्ष में नौ लाख करोड़ का बजट किया प्रस्तुत

मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नौ साल पहले यूपी का जो हाल था उसकी आज से तुलना करेंगे तो पता चलेगा कि कितना परिवर्तन आया है। पहले जब टूटी सड़कें शुरू होती थीं तो लोग कहते थे कि यूपी आ गया। वहीं, बिजली का हाल तो ये था कि एक सप्ताह दिन में तो एक सप्ताह रात में बिजली आती थी। इसके पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि जनता ने 2017 में सेवा करने वालों को मौका दिया। मेवा वालों को हटाकर सेवा वालों को मौका दिया। वहीं, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा के लोग सत्ता में न होने पर गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। 2017 से पहले यूपी में माफिया और गुंडों का राज चलता था जबकि अब कानून का राज है।



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