उत्तर प्रदेश में बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने दिशा में एक अहम पहल हुई। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ है। यह एमओयू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर पाटिल और सीएम योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से हुआ।
इस अवसर सीएम योगी ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की दिशा में यह समझौता काफी महत्वपूर्ण है। इसका सीधा लाभ ग्रामीण परिवारों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। पहले जहां सीमित गांवों तक ही पाइप पेयजल की सुविधा थी, अब हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है। जहां कभी दूषित पानी से गंभीर बीमारियां होती थीं, आज वहां हालात सुधरे हैं।
सीएम ने कहा कि विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी समस्या पर नियंत्रण है। इसमें स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की अहम भूमिका है। वर्तमान में बड़ी संख्या में गांवों में जलापूर्ति के साथ-साथ अनुरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। शुरुआत में यह योजना सीमित क्षेत्रों तक थी। उसे अब उन सभी गांवों तक विस्तारित किया गया है, जहां पाइप पेयजल की सुविधा नहीं थी। बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों में, जहां कभी पानी की किल्लत थी, आज घर-घर नल से जल पहुंच रहा है।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सी.आर पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। राज्यों को कहा कि सभी परियोजनाएं टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू की जाएं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
