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संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:40 AM IST

रूपनारायण की फाइल फोटो।
सरोजनीनगर। बंथरा के नीवां गांव में आर्थिक तंगी से परेशान तारावती (52), बेटे संदीप (30) की मौत के बाद शनिवार को रूपनारायण (55) ने भी दम तोड़ दिया। रूपनारायण का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। संदीप के पास मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है।
एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा के मुताबिक कई पहलुओं पर मामले की छानबीन की जा रही है। रूपनारायण के दूसरे बेटे कुलदीप से पूछताछ की गई है। घटनास्थल पर कोई जहरीला पदार्थ नहीं मिला था। सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह नोट वास्तव में संदीप ने ही लिखा था या किसी और ने।
घटना के समय घर में मौजूद भोजन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। आशंका जताई जा रही है कि जहर खाने में मिलाकर तीनों ने खाया था। यह पता लगाया जा रहा है कि किसी ने जानबूझकर तीनों को जहर तो नहीं दे दिया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मां और बेटे की मौत जहरीले पदार्थ खाने से होने की पुष्टि हुई है। जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। रूपनारायण के मकान के बाहर दीवार पर चस्पा पांच पन्नों का फटा नोटिस भी जांच के दायरे में है। थाना प्रभारी राणा राजेश सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में आर्थिक तंगी का मामला सामने आया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरोजनीनगर विधायक ने की कार्रवाई की मांग
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपर मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखकर दोषियों के िखलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। डाॅ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि रूपनारायण छोटे व्यावसायी थे। उन्होंने बैंक से 15 लाख का लोन लिया था। 19 मार्च को बैंक के रिकवरी एजेंटों ने उनकी दुकान पर अभद्र व्यवहार किया था। दबाव में आकर उन्होंने एजेंटों को पांच हजार रुपये भी दिए थे। पर एजेंटों ने उनके मकान पर कब्जे के लिए नोटिस चस्पा कर दिया था। इसके कारण परिवार गहरे मानसिक तनाव में आ गया था और जान दे दी।
