पूरी किस्तें भरने में डिफॉल्टर साबित हुए आवंटियों को राहत देने के लिए आवास विकास परिषद और एलडीए में एकमुश्त समाधान योजना 18 अप्रैल से शुरू हो रही है। तीन महीने तक इसका लाभ मिलेगा। सोमवार को आवास विकास परिषद मुख्यालय में हुई बैठक में तय किया गया कि आवंटियों की सुविधा के लिए एलडीए और आवास विकास परिषद के कार्यालय में काउंटर और हेल्पडेस्क बनाई जाएगी। यहां आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। आवेदन के साथ जमा की जाने वाले पंजीकरण की रकम ओटीएस में समायोजित नहीं की जाएगी।

इस योजना से आवंटियों को दंड ब्याज नहीं देना पड़ेगा। ओटीएस का पैसा भी किस्तों में जमा करने की छूट है। आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि हर संपत्ति प्रबंधक कार्यालय में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। यहां एक कर्मचारी कंप्यूटर की सुविधा के साथ रहेगा। योजना का लाभ आवंटन, नीलामी व अन्य तरह से आवंटित सभी संपत्तियों पर दिया जाएगा।

आवंटियों को भेजी जाएगी सूचना

उप्र. आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि ओटीएस योजना का शासनादेश 20 मार्च को जारी हो चुका है। एक माह तक इसका प्रचार-प्रसार करना है, ताकि लोगों को उसकी जानकारी दी जा सके। जिन आवंटियों ने लगातार तीन किस्तें नहीं जमा की हैं, वे डिफॉल्टर माने जाएंगे। इन्हें ओटीएस का लाभ मिलेगा। ऐसे आवंटियों की सूची तैयार की जा रही है। 18 अप्रैल से ओटीएस पोर्टल www.awasbandhu.in खुल जाएगा।



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