सपा की बागी विधायक पूजा पाल के संबंध में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर तो उस रक्तरंजित इतिहास लिखने वाले दरिंदों पर पर होनी चाहिए जिसमें पाल समाज के होनहार राजू पाल की सरेआम हत्या कर दी थी और सपा ने उसे अपने सिर-आँखों पर बिठाया था। उन्होंने कहा कि सपा का राजनीतिक चरित्र हमेशा से माफिया, अपराध और संरक्षणवाद की राजनीति से जुड़ा रहा है।
माफिया से माननीय बनाने का पाप सपा ने किया
चौधरी ने कहा कि राजू पाल के हत्यारों को पालने-पोसने, उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने और माफिया से माननीय बनाने का पाप सपा ने किया है। आज वही लोग पूजा के गुमराह होने की बात कर रहे हैं, यह प्रदेश की जनता के साथ ही पाल समाज का भी अपमान है।
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि पाल समाज अब नकली सपाइयों को पहचान चुका है। वह अब तुष्टिकरण, भय, अपराध और परिवारवाद की राजनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि विकास, सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्रवाद की मुख्यधारा का सहभागी बन चुका है।
उन्हें पहले यह जवाब देना चाहिए
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सपा अध्यक्ष पर हमला करते हुए कहा कि आज जो लोग अपनी ही विधायक के जाने पर उसके गुमराह होने की कहानी गढ़ रहे हैं, उन्हें पहले यह जवाब देना चाहिए कि उनके शासनकाल में अपराधियों और माफियाओं का मनोबल इतना ऊँचा क्यों था? क्यों उप्र की पहचान ‘जंगलराज’ से जोड़ी जाती थी?
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजू पाल की पत्नी स्वयं यह कह चुकी हैं कि यदि सपा सरकार होती, तो शायद आज वह जीवित न होतीं। उनका यह बयान सपा के शासन की भयावह सच्चाई और उसके जंगलराज पर सबसे बड़ा तमाचा है। पंकज चौधरी ने कहा कि पाल समाज अब किसी का पिछलग्गू नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता और निर्णायक समाज बन चुका है। यही समाज 2027 में सपा का सूपड़ा साफ करेगा।
