महानगर में ठेला और पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम वेंडिंग जोन की संख्या बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए नए स्थानों का चयन किया जा रहा है। साथ ही पथ विक्रेताओं की पहचान के लिए अप्रैल से सर्वे शुरू किया जाएगा।
शहर में कई स्थानों पर ठेला और पटरी दुकानदार सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बनती है। सीपरी बाजार, पंचकुइयां, कोतवाली और सब्जी मंडी क्षेत्र में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।
नगर निगम ने पहले से ही पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित करने के लिए वेंडिंग जोन विकसित किए हैं। वर्तमान में शहर में सात स्थानों-गणेश चौराहा, नंदनपुरा, मेडिकल कॉलेज गेट नंबर-3 के सामने, वीरांगना नगर, आरटीओ के आगे एक-एक और बस स्टैंड पर दो वेंडिंग जोन संचालित हैं। इन स्थानों पर करीब 250 पथ विक्रेताओं को जगह दी गई है और उन्हें आई-कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं। अब अन्य क्षेत्रों में बिखरे पथ विक्रेताओं को भी व्यवस्थित करने के लिए नए वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। इस संबंध में नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में भी चर्चा हुई, जिसमें अप्रैल से सर्वे शुरू कराने पर सहमति बनी।
एक परिवार से एक ही सदस्य को मिलेगी जगह
वेंडिंग जोन में प्राथमिकता शहर के स्थानीय पथ विक्रेताओं को दी जाएगी। साथ ही एक परिवार के केवल एक व्यक्ति को ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी।
अप्रैल से पथ विक्रेताओं का सर्वे शुरू किया जाएगा और वेंडिंग जोन की संख्या बढ़ाने के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। – आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त
