लखनऊ की हवा लोगों की सेहत के लिए बड़ी चिंता का कारण बन रही है। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) के ताजा शोध ने इस खतरे को और स्पष्ट कर दिया है। लखनऊ की हवा में एल्युमीनियम, आयरन और मैगनीज जैसी भारी धातुएं पाई गई हैं, जिन्हें विशेषज्ञ धीमा जहर मान रहे हैं।
एनबीआरआई में पादप विविधता पर काम कर रहे वैज्ञानिक डॉ. सजीवा नायका ने इस शोध में लाइकेन का उपयोग किया। लाइकेन पेड़ों की छाल पर उगने वाला कवक है, जो हवा की गुणवत्ता बताने का सटीक माध्यम है।
डॉ. नायका और उनकी टीम ने मलिहाबाद से लाइकेन के नमूने लिए, जिन्हें शहर के 10 व्यस्त चौराहों पर रखा गया। इसकी रिपोर्ट के अनुसार, पॉलीटेक्निक चौराहा सबसे ज्यादा प्रदूषित पाया गया। हजरतगंज दूसरे स्थान पर रहा। जनेश्वर मिश्र पार्क और मलिहाबाद जैसे हरित क्षेत्रों में प्रदूषण काफी कम पाया गया।