जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट का बड़ा खेल सामने आया है। तेल, दूध, पनीर, सिंघाड़े का आटा और बेसन समेत कई खाद्य सामग्री जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरीं। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की अदालत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 209 विक्रेताओं पर कुल 1.74 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
खाद्य विभाग की टीम नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजती है। नमूने फेल होने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है। बीते वित्तीय वर्ष में 209 मामलों में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सख्त कार्रवाई की। इसमें बड़े रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार और डेयरी संचालक भी शामिल हैं।
जांच में कई उत्पादों पर गलत जानकारी (मिथ्या छाप) पाई गई, जबकि कुछ दुकानदार बिना लाइसेंस या नवीनीकरण कराए खाद्य सामग्री बेचते मिले। ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार जुर्माना लगाया गया।
दो महीने में ही 9.85 लाख का जुर्माना
नगरा के मिष्ठान भंडार के पनीर में फैट कम मिलने पर 85 हजार रुपये जुर्माना।
समथर में बेसन के लड्डू पर मिथ्या छाप मिलने पर 35 हजार रुपये जुर्माना।
पीतांबरा नगर में सिंघाड़े का आटा अधोमानक मिलने पर एक लाख रुपये अर्थदंड।
जीवनशाह तिराहा के पास इस्तेमाल रिफाइंड तेल मानक से कम मिलने पर 30 हजार रुपये जुर्माना।
सीपरी बाजार में तेल व पनीर अधोमानक मिलने पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड।
चिरगांव के ढाबे पर लाइसेंस नवीनीकरण न होने पर 25 हजार रुपये जुर्माना।
साकिन की डेयरी में दूध व मावा के सैंपल फेल होने पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना।
ग्वालियर रोड स्थित रेस्टोरेंट के बेसन में कमी मिलने पर एक लाख रुपये अर्थदंड।
रानीपुर में पैक ब्रेड अधोमानक मिलने पर डेढ़ लाख रुपये जुर्माना।
बिजौली फैक्टरी के हॉटडॉग पर मिथ्या छाप मिलने पर डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड।
टोल प्लाजा पर सरसों का तेल अधोमानक मिलने पर डेढ़ लाख और हल्दी पाउडर पर 60 हजार रुपये जुर्माना।
कानून में सख्त प्रावधान
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मिलावट को गंभीर अपराध माना गया है। इसमें एक लाख से 10 लाख रुपये तक जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है।
जांच में अधोमानक और मिथ्या छाप मिलने पर 209 विक्रेताओं पर 1.74 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ज्यादातर दुकान संचालकों ने जुर्माने की राशि जमा कर दी है।
– वरुण कुमार पांडेय, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
