नगर निगम को अवस्थापना विकास निधि के तहत दो किस्तों में 28 करोड़ रुपये मिल गए हैं। इस निधि में शासन से करीब पांच महीने बाद नगर निगम को बजट मिला है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे निगम को इससे बड़ी राहत मिली है।

अवस्थापना विकास निधि से सड़कों, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था से लेकर सार्वजनिक निर्माण कराए जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम को अक्तूबर में करीब आठ करोड़ रुपये मिले थे। इसके तहत महानगर में सड़क, नाला-नाली निर्माण आदि कार्य कराए गए हैं। कुछ कार्य 15वें वित्त आयोग के तहत मिले बजट से भी कराए गए। दूसरी तरफ, नगर निगम पर काफी उधारी हो जाने से विकास कार्य प्रभावित हो रहा था। लेकिन वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले निगम प्रशासन को बड़ी राहत मिली। अवस्थापना विकास निधि के तहत निगम को पहली किस्त में 17.75 करोड़ और दूसरी किस्त में 10.26 करोड़ रुपये मिल गए। निधि में अच्छा खासा बजट मिलने से अब महानगर में विकास कार्य भी तेजी से करवाए जाएंगे।

पिछड़े वार्डों के विकास पर रहेगा फोकस

महानगर में 15 से अधिक पिछड़े वार्ड हैं। इन वार्डों के पार्षद अक्सर नगर निगम में होने वाली सदन और कार्यकारिणी की बैठक में विकास कार्य न होने का मुद्दा उठाते हैं। इन वार्डों में कई सड़कें कच्ची हैं। कहीं नाला-नाली न होने से जल निकासी तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में निगम प्रशासन की प्राथमिकता पिछड़े वार्डों में अधिक विकास कार्य कराने पर है।

अवस्थापना विकास निधि में नगर निगम को दो किस्तों में लगभग 28 करोड़ रुपये मिल गए हैं। अब वार्डों में जरूरत के अनुसार विकास कार्य करवाए जाएंगे। पार्षदों के प्रस्तावों के आधार पर भी काम करवाया जाएगा। – आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त।



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