श्रावस्ती जिले के जमुनहा क्षेत्र में राप्ती के घटे जलस्तर के साथ ही तबाही के निशान दिखने लगे हैं। जबकि इकौना क्षेत्र में राप्ती की विनाशलीला जारी है। घटते जलस्तर के साथ राप्ती की उग्र लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। जिनकी जद में आने से कई बीघा कृषि भूमि कट कर नदी की धारा में विलीन हो रही है। वहीं, इकौना व कटरा क्षेत्र में बाढ़ से डूबे गांवों में लोग राहत के लिए प्रशासन की ओर निहार रहे हैं।

राप्ती नदी का जलस्तर धीरे धीरे घट रहा है। जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर मंगलवार को खतरे के निशान 127.70 से घट कर 127.45 मीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे है। घटे जलस्तर के कारण जमुनहा, गिलौला व हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र में नदी की उग्र लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान करने लगी हैं। साथ ही नदी का पानी निकलने के बाद राप्ती की तबाही के निशान भी दिखाई देने लगे हैं।




गोड़धोई के लिए चार माह पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं लालपुर गांव के पास सड़क पर बने साइफन की मिट्टी व डामर उखड़ गया। गिलौला के कचनापुर व बिशुनापुर गांव में बनी सड़क व पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। यही हाल कछार के अन्य गांवों का भी है। जहां राप्ती की बाढ़ में गांव को जोड़ने वाले कई मुख्य व संपर्क मार्ग बाढ़ व कटान की भेंट चढ़ गए। इतना ही नहीं खेतों में लगी मक्का, अरहर, मेंथा सहित सब्जी की फसल को भारी नुकसान बताया जा रहा है। कई गांवों में रोपे गए धान के ऊपर बाढ़ का मलवा आ जाने से पुसल दिखाई नहीं दे रही है। 


इकौना क्षेत्र में जारी है राप्ती की विनाश लीला

भिनगा व जमुनहा तहसील क्षेत्र के गांवों को भले ही बाढ़ की विभीषिका से राहत मिल गई हो लेकिन इकौना तहसील क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की विभीषिका अभी जारी है। इकौना तहसील क्षेत्र के करीब 28 गांव अब भी बाढ़ से घिरे हुए हैं। जबकि 14 गांवों में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है।


इस बीच राहत यह है कि भिनगा इकौना मुख्य मार्ग से बाढ़ का पानी हट गया है लेकिन कटरा मथुरा मार्ग पर अब भी बाढ़ का पानी चल रहा है। बौद्ध तपोस्थली व बौद्ध मठ मंदिरों सहित तपोस्थली के कई होटल, जेतवन इंटर कॉलेज, तिब्बत बुद्ध विहार, चाइना मंदिर, ग्रेट श्रावस्ती बुद्ध विहार, वर्मा बुद्ध विहार सहित क्षेत्र के डिंगुराजोत, राजगढ़ गुलहरिया, बगहा, मुश्काबाद, खरगौरा गनेश, बाजा जात, चक्र भंडार, खरगूपुर, खरगौरा बस्ती व मोहम्मदपुर राजा सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हें। जिन्हें राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी के जवानों का सहारा ले रहा है।


श्रावस्ती में बाढ़ से घिरे कई गांव। लोगों ने घरों की छत पर डेरा जमा रखा है।





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