राप्ती नदी का जलस्तर धीरे धीरे घट रहा है। जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर मंगलवार को खतरे के निशान 127.70 से घट कर 127.45 मीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे है। घटे जलस्तर के कारण जमुनहा, गिलौला व हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र में नदी की उग्र लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान करने लगी हैं। साथ ही नदी का पानी निकलने के बाद राप्ती की तबाही के निशान भी दिखाई देने लगे हैं।
भिनगा व जमुनहा तहसील क्षेत्र के गांवों को भले ही बाढ़ की विभीषिका से राहत मिल गई हो लेकिन इकौना तहसील क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की विभीषिका अभी जारी है। इकौना तहसील क्षेत्र के करीब 28 गांव अब भी बाढ़ से घिरे हुए हैं। जबकि 14 गांवों में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है।
इस बीच राहत यह है कि भिनगा इकौना मुख्य मार्ग से बाढ़ का पानी हट गया है लेकिन कटरा मथुरा मार्ग पर अब भी बाढ़ का पानी चल रहा है। बौद्ध तपोस्थली व बौद्ध मठ मंदिरों सहित तपोस्थली के कई होटल, जेतवन इंटर कॉलेज, तिब्बत बुद्ध विहार, चाइना मंदिर, ग्रेट श्रावस्ती बुद्ध विहार, वर्मा बुद्ध विहार सहित क्षेत्र के डिंगुराजोत, राजगढ़ गुलहरिया, बगहा, मुश्काबाद, खरगौरा गनेश, बाजा जात, चक्र भंडार, खरगूपुर, खरगौरा बस्ती व मोहम्मदपुर राजा सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हें। जिन्हें राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी के जवानों का सहारा ले रहा है।
श्रावस्ती में बाढ़ से घिरे कई गांव। लोगों ने घरों की छत पर डेरा जमा रखा है।
