यूपी के बहराइच में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे गांवों में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को महज कुछ घंटों के अंतराल में मोतीपुर और ककरहा रेंज में अलग-अलग स्थानों पर तेंदुए के हमलों में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी से मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। घटनाओं के बाद से वन विभाग की टीम कांबिंग कर रही है।
मोतीपुर वन रेंज के ग्राम दौलतपुर निवासी असलम (25) अपने पिता शादिक के साथ बृहस्पतिवार को दोपहर बाद मक्का के खेत में यूरिया डालने गए थे। खेत में पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बेटे को बचाने के लिए पिता ने डंडे से तेंदुए पर वार किया। इससे वह कुछ देर के लिए पीछे हट गया।
झाड़ियों से निकलकर भीड़ पर टूट पड़ा
पिता-पुत्र ने शोर मचाना शुरू किया तो आसपास के खेतों में मौजूद लोग दौड़े। इसी दौरान तेंदुआ फिर झाड़ियों से निकलकर भीड़ पर टूट पड़ा। रमीम (28) पुत्र अनीश को घायल कर दिया। इस हमले से मौके पर भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने किसी तरह घायलों को बचाया और उन्हें सीएचसी मोतीपुर पहुंचाया।
बेटी को बचाने में मां खुद बनी तेंदुए का निशाना
दूसरी घटना ककहरा वन रेंज के ग्राम उर्रा के पास सिंगहिया गांव की है। यहां खेत में मां और बेटी गेहूं काट रही थीं, तभी अचानक तेंदुए ने आरती (14) पर हमला कर दिया। बेटी की चीख सुनकर मां राजकुमारी (55) ने साहस दिखाते हुए हंसिया से तेंदुए पर वार किया और शोर मचाया।
तेंदुए ने आरती को छोड़कर राजकुमारी पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण शोर मचाते हुए दौड़े, लोगों की भीड़ और शोर सुनकर तेंदुआ भागकर बाग की ओर चला गया। दोनों घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया गया।
सीएचसी मोतीपुर के चिकित्सकों ने चारों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों को गहरे जख्म आए हैं।
