मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों हितों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर पूर्ण वेतन एवं सभी वैधानिक सुविधाएं प्राप्त होना उसका अधिकार है, और इसके हनन पर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर के घटनाक्रम पर विशेष रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो व्यक्ति वास्तविक श्रमिक नहीं हैं, किंतु औद्योगिक अशांति फैलाने, उपद्रव करने अथवा अव्यवस्था उत्पन्न करने में संलिप्त पाए जाते हैं, उनकी तत्काल पहचान सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे तत्वों को बेनकाब करते हुए आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर उनकी तस्वीर लगाई जाए, ताकि जनसामान्य को वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। लोग यह जान सकें कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को बाधित करने की साजिश के पीछे कौन लोग हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अराजक तत्वों तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों एवं दुष्प्रचार पर सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित पहचान कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम या अशांति की स्थिति को प्रारंभ में ही नियंत्रित किया जा सके।
मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में संभावित अनियमितताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच समिति एवं श्रम विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सभी ऐसी एजेंसियों की व्यापक एवं गहन जांच कराई जाए। जांच के दौरान श्रमिकों की वास्तविक संख्या, औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त भुगतान, श्रमिकों को किए जा रहे वास्तविक भुगतान, ईएसआई, बीमा तथा अन्य सुविधाओं की वस्तुस्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी एवं निजी औद्योगिक इकाइयों में सुदृढ़ एवं सक्रिय ग्रीवांस सेल की स्थापना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, जहां श्रमिकों की शिकायतों का पारदर्शी, समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हर हाल में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से कार्यस्थलों पर गुणवत्तापूर्ण मेस व्यवस्था विकसित की जाए।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि हाल में श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के निर्णय से श्रमिकों में संतोष है तथा उद्यमी वर्ग भी इस व्यवस्था से संतुष्ट है। गौतमबुद्ध नगर में स्थिति अब लगभग सामान्य हो चुकी है। कुछ औद्योगिक इकाइयों में प्राप्त प्रबंधन संबंधी शिकायतों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं के वास्तविक कारणों का निष्पक्ष आकलन कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़े हुए वेतन का लाभ 01 अप्रैल से सभी श्रमिकों को मिलना चाहिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
