स्कूली वाहनों की सुरक्षा को परखने के लिए परिवहन विभाग को उनकी फिटेनस जांचने का जिम्मा दिया गया था। 15 अप्रैल तक फिटनेस जांच कर रिपोर्ट देनी थी लेकिन, आरटीओ महकमा यह जांच अब तक पूरी नहीं कर सका। अभी 85 प्रतिशत वाहन की जांच हो सकी है। इन वाहनों की जांच पूरी होने के बाद मानक पर खरे न उतरने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी।
परिवहन विभाग को 2402 स्कूलों में लगे वाहनों की जांच करनी है। अभी करीब 85 प्रतिशत वाहनों के ही फिटनेस परमिट, बीमा, सुरक्षात्मक उपकरण की जांच हो सकी है। इनका विवरण यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (यूपी-आईएसवीएमपी) पर दर्ज किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने वाहनों के विवरण यूपी-आईएसवीएमपी पर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुजीत सिंह ने बताया कि शेष कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।
कई स्कूलों ने डंप वाहनों की दी जानकारी
एआरटीओ सुजीत सिंह ने बताया कि 22 वाहनों को लेकर स्कूल संचालकाें ने प्रार्थनापत्र दिया है कि वह पुराने होने या अन्य तकनीकी खामियों के चलते डंप हैं। विभाग ने इसकी सूची तैयार कर ली है। उक्त वाहन सड़कों पर दौड़ते मिलते हैं तो उनको सीज किया जाएगा।